हिमाचल का प्रस्तावित विधानसभा चुनाव अभी से दिलचस्प होता जा रहा है। कांग्रेस पार्टी जहां राज्य में टफ फाइट मानकर चल रही है, वहीं भाजपा को राज्य में आसान सी जीत दिखाई देने लगी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खेमा दावा ठोंककर कह रहा है कि राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार बनाएगी।
इस बीच पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर कई नेताओं की निगाह टिकी हुई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार धूमल जहां इस पद के दावेदार बताए जा रहे हैं, वहीं अजय जामवाल की चर्चा ने मामले को दिलचस्प बना दिया है।
फिलहाल अभी तक भाजपा ने हिमाचल के लिए कोई चेहरा घोषित नहीं किया है। इस बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेता का कहना है कि राज्य विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के चेहरे पर होगा। अमित शाह ने भी संकेत दिया है कि हिमाचल में चुनाव से पहले कोई चेहरा नहीं घोषित किया जाएगा।
पार्टी हिमाचल के विकास को मुद्दा बनाकर चुनाव में उतरेगी और पार्टी चुनाव जीतने में सफल होगी। वहीं भावी मुख्यमंत्री के बारे में सूत्र का कहना है कि राज्य में वहीं चेहरा सीएम हो सकता है जो पार्टी को अगले 15-20 साल तक नेतृत्व दे सके। बताते हैं भाजपा का लक्ष्य हर राज्य में कुशल नेतृत्व तैयार करना है। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा यदि विधानसभा चुनाव जीतती है तो राज्य का मुख्यमंत्री 45-55 साल की आयु का व्यक्ति हो सकता है। हालांकि यह पैमाना धूमल पर फिट नहीं बैठेगा।
नड्डा बनाम अनुराग ठाकुर
जेपी नड्डा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हैं। भाजपा में अच्छी पैठ रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह उन्हें पसंद करते हैं। नड्डा हिमाचल में भाजपा के विधानसभा चुनाव जीतने के प्रति पूरी तरह से आश्वस्त हैं। लेकिन राज्य के भावी मुख्यमंत्री के दावेदार की चर्चा पर शालीनता से खुद को खारिज कर देते हैं। लेकिन उनकी लगातार निगाह पार्टी के युवा नेता अनुराग ठाकुर की हर पहल पर रहती है।
यही स्थिति अनुराग ठाकुर की भी है। वह नड्डा के प्रभाव, राज्य में राजनीतिक गतिविधि तथा अन्य को लेकर सतर्क रहते हैं। हालांकि पार्टी के नेता अनुराग ठाकुर की जगह उनके पिता प्रेम कुमार धूमल को अधिक अहमियत देते हैं।
अजय जामवाल
मंडी के जोगिंदर नगर निवासी, संघ से नाता रखने वाले और एबीवीपी के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले अजय जामवाल को भी दावेदारों में गिना जा रहा है। जामवाल काफी पहले से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गुडबुक में हैं। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश और फिर असम में उन्होंने अपनी राजनीतिक सूझ-बूझ का अच्छा उदाहरण दिया है।
जामवाल भी अपने मूल राज्य हिमाचल लौटना चाहते हैं। ऐसे में उनकी दावेदारी को खारिज नहीं किया जा सकता। वैसे भी जिस तरह से भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड, उ.प्र., उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद का चेहरा दिया है, उसमें उम्र, और योग्यता कि लिहाज से जामवाल भी फिट बैठ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जामवाल को लेकर भाजपा के नेता आपस में भी चमकते हैं।