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Himachal Election: 2017 में हिमाचल के 12 जिलों में कैसा था भाजपा-कांग्रेस का प्रदर्शन, कहां नहीं खुला था खाता?

सार

2017 में हिमाचल के कितने जिलों में भाजपा ने बढ़त बनाई और कितने में कांग्रेस रही आगे? किस क्षेत्र में भाजपा को बढ़त मिली तो किस क्षेत्र में कांग्रेस को? किस इलाके में भाजपा ने निर्णायक बढ़त बनाई थी? आइये जानते हैं…
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों का प्रचार जारी है। 10 नवंबर को प्रचार थम जाएगा। मतदाता 12 नवंबर को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। आठ दिसंबर को नतीजे आएंगे। पिछली बार की तरह इस बार भी भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर है। वहीं, आम आदमी पार्टी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। 

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2017 में हिमाचल के कितने जिलों में भाजपा ने बढ़त बनाई और कितने में कांग्रेस रही आगे? किस क्षेत्र में भाजपा को बढ़त मिली तो किस क्षेत्र में कांग्रेस को? किस इलाके में भाजपा ने निर्णायक बढ़त बनाई थी? आइये जानते हैं…

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
कितने जिलों में भाजपा ने बढ़त बनाई और कितने में कांग्रेस रही आगे?
कुल 12 में से आठ जिलों में भाजपा को 2017 में कांग्रेस के मुकाबले ज्यादा सीटें मिलीं थीं। वहीं, चार जिलों में कांग्रेस आगे रही थी। जिन जिलों में भाजपा को ज्यादा सीटें मिलीं उनमें कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, चम्बा, कुल्लू, सिरमौर, लाहौल स्पीती और ऊना शामिल थे। वहीं, हमीरपुर, किन्नौर, शिमला और सोलन जिले में कांग्रेस ने बढ़त बनाई थी। 

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
सबसे ज्यादा सीटों वाले तीन जिलों में क्या रहा था नतीजा?
हिमाचल प्रदेश में कुल 12 जिले हैं। इन जिलों में कांगड़ा में सबसे ज्यादा 15, मंडी में 10 और शिमला में आठ सीटें हैं। इन तीनों बड़े जिलों में से कांगड़ा और मंडी में भाजपा को एक तरफा जीत मिली थी। वहीं, शिमला में कांग्रेस आगे रही थी। कांगड़ा की 15 में से 11 सीटें भाजपा तो तीन सीटें कांग्रेस के खाते में गई थी। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में सफल रहा था। 

इसी तरह मंडी जिले की दस में से नौ सीटें भाजपा के खाते में गई थीं। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में सफल रहा था। मुख्यमंत्री के इस गृह जिले में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। शिमला जिले की आठ में से तीन सीटें भाजपा तो चार सीटें कांग्रेस के खाते में गई थीं। एक सीट पर सीपीएम को जीत मिली थी। 

क्या ऐसा भी कोई जिला था जहां भाजपा या कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली?
एक सीट वाले जिले किन्नौर में भाजपा का खाता नहीं खुला था। यहां की इकलौती सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। वहीं, 10 सीटों वाले मंडी जिले में कांग्रेस का खाता नहीं खुला था। इसी तरह एक सीट वाले लाहौल स्पीती जिले में भाजपा उम्मीदवार डॉ. रामलाल मारकण्डेय जीते थे। मारकण्डेय को एक बार फिर भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। 
 
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
किस क्षेत्र में किसे कितनी सीटें मिली थीं?
मंडी और कांगड़ा क्षेत्र में भाजपा ने बढ़त बनाई थी। वहीं, शिमला क्षेत्र में कांग्रेस आगे रही थी। मंडी क्षेत्र में पांच जिलों की कुल 24 सीट आती हैं। इन 24 में से 18 सीटें भाजपा के खाते में गईं थीं। पांच सीटें कांग्रेस तो एक सीट पर अन्य को जीत मिली थी। 
कांगड़ा क्षेत्र में तीन जिलों की 25 सीटें आती हैं। इनमें से 18 भाजपा तो छह कांग्रेस के खाते में गईं थीं। एक सीट पर अन्य को जीत मिली थी। शिमला क्षेत्र में चार जिलों की 19 सीटें आती हैं। इनमें से आठ भाजपा और 10 कांग्रेस के खाते में गईं थीं। एक सीट पर अन्य को जीत मिली थी।  
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