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Hijab Row: कर्नाटक के एजी बोले- तुर्की और फ्रांस में भी हिजाब प्रतिबंधित, सुप्रीम कोर्ट में कल भी सुनवाई

Wed, 21 Sep 2022 08:07 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट में हिजाब बैन को चुनौती देने वाली याचिकाओं को जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच सुन रही है।  
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हिजाब विवाद - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कर्नाटक में हिजाब बैन के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज एक बार फिर से सुनवाई हुई। सरकारी और याचिकाकर्ता दोनों पक्षों की तरफ से दलीलें दी गईं। कर्नाटक सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल प्रभुलिंग नवदगी ने दलीलें पेश कीं। बता दें कि हिजाब बैन को चुनौती देने वाली याचिकाओं को जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच सुन रही है। सुप्रीम कोर्ट में हिजाब मामले पर कल फिर सुनवाई होगी। आज सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ पढ़ें- 

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तुर्की और फ्रांस जैसे देशों में हिजाब प्रतिबंधित: एडवोकेट जनरल प्रभुलिंग नवदगी
सुनवाई के दौरान कर्नाटक के महाधिवक्ता(एडवोकेट जनरल) प्रभुलिंग नवदगी ने कहा कि कई मुस्लिम माताएं और बहनें हिजाब नहीं पहनतीं। तुर्की और फ्रांस जैसे देशों में हिजाब प्रतिबंधित है, फिर भी वहां इस्लाम फैल रहा है। इसे न पहनना किसी महिला को कम मुस्लिम नहीं बनाता।

जस्टिस हेमंत गुप्ता ने हिजाब मामले पर की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान जस्टिस हेमंत गुप्ता ने कहा कि हिजाब से जुड़े कुछ मामले आपलोगों से साझा करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मैं पाकिस्तान के लाहौर हाईकोर्ट के एक जज को जानता हूं जो भारत आया करते थे। उनकी दो बेटियां भी थीं लेकिन मैंने कभी उन बच्चियों को हिजाब पहनते नहीं देखा। इतना ही नहीं मैंने देश में कई मुस्लिम परिवार देखे हैं जहां घर के मुखिया ने अपने बच्चियों के ऊपर हिजाब नहीं थोपा है। 
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हिजाब विवाद संवैधानिक बेंच में भेजा जाए
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि हिजाब का विवाद धार्मिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस केस को संवैधानिक बेंच में भेजा जाए।  


राज्य में विशेष समुदाय को निशाना बनाने का आरोप झूठा: एडवोकेट जनरल
कर्नाट के एडवोकेट जनरल ने आगे कहा कि निजता के अधिकार अभी विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष ने झूठा आरोप लगाया है कि राज्य ने विशेष समुदाय को निशाना बनाया है। मैं इसे सिरे से खारिज करता हूं। राज्य सरकार अल्पसंख्यक समूहों के लिए कई कल्याणकारी कार्यक्रम चला रही है।

स्कूल परिवहन और परिसर में भी हिजाब पहनने प्रतिबंधित नहीं: एडवोकेट जनरल
कर्नाटक के महाधिवक्ता प्रभुलिंग नवदगी का कहना है, स्कूल परिवहन में या यहां तक कि स्कूल परिसर के अंदर भी  हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

एएसजी बोले, मामला बड़ी बेंच में भेजने की जरूरत नहीं 
एएसजी केएम नटराज ने कहा, सभी धार्मिक अधिकार संतुलित होने चाहिए और कोई भी यह नहीं कह सकता कि उनका पूर्ण अधिकार है। मामले को बड़ी पीठ के पास भेजने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मामला शिक्षण संस्थानों में अनुशासन का एक साधारण मामला है।

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