कर्नाटक के उडुपी स्थित कॉलेज में कुछ लड़कियों के हिजाब पहनकर आने का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। कर्नाटक के उडुपी जिले के कुंडापुर में एक सरकारी कॉलेज में तीसरे दिन एक बार फिर हिजाब पहनी मुस्लिम छात्राओं को प्रवेश करने से रोका गया। हिजाब को ड्रेस कोड में मान्यता नहीं देने के राज्य सरकार के फैसले के बावजूद माता-पिता के साथ हिजाब पहनकर पहुंचीं मुस्लिम छात्राओं को कॉलेज परिसर के अंदर जबरन धकेला गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे बसंत पंचमी व मां सरस्वती से जोड़ते हुए तंज किया है। इस पर कर्नाटक के मंत्री सुनील कुमार ने पलटवार किया है।
छात्राओं के अभिभावकों ने कॉलेज गेट के बाहर प्रदर्शन भी किया। वहीं छात्राओं के कॉलेज में प्रवेश करते हुए विरोध में कुछ हिंदू छात्र भगवा शॉल ओढ़कर उनके चारों ओर चक्कर लगाने लगे। हालांकि बाद में इन छात्रों को शॉल हटाकर कक्षाओं में वापस भेज दिया गया।
तनाव बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों को सरकार के निर्देश बताते हुए वहां से हटाया। उधर, पीयू बालिका कॉलेज की छात्राओं का एक समूह अतिरिक्त उपायुक्त के पास पहुंचा और इस मामले को शांत कराने की गुहार लगाई। पीयू बालिका कॉलेज में ही पिछले महीने सबसे पहले हिजाब पहनने को लेकर विवाद गरमाया था।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर यह कहा
हिजाब बवाल पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'हिजाब को छात्राओं की शिक्षा में बाधक बनाकर हम भारत की बेटियों का भविष्य लूट रहे हैं। मां सरस्वती सभी को ज्ञान देती हैं। वह भेद नहीं करतीं।'
मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश पर क्यों है रोक: मंत्री
हिजाब विवाद व महिलाओं की आजादी के सवाल उठाने वालों की कर्नाटक के मंत्री सुनील कुमार कारकला ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार तीन तलाक खत्म कर मुस्लिम महिलाओं के साथ खड़ी है। जो लोग उनकी आजादी का सवाल उठा रहे हैं वो मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी पर बोलें। सभी को एक सरकारी परिसर में समान सिस्टम का पालन करना चाहिए। हमारा यही मकसद है। राज्य के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा कि छात्राएं पहले हिजाब नहीं पहनती थीं। यह विवाद बीते 20 दिनों में शुरू हुआ है।