8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री का यह घोषणा कालेधन के खिलाफ है। वहीं, कुछ नेताओं सहित योग गुरु रामदेव ने भी दावा किया था कि इससे नक्सलीयों की कमर टूटी है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के फैसले का असर नक्सलियों पर पड़ा है। 28 दिनों में 564 नक्सलियों और उनके समर्थकों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और झारखंड में नोटबंदी के असर के कारण बड़ी तादाद में नक्सलियों ने सरेंडर किया है। हालांकि, इस बड़ी कार्रवाई में सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई की भी बड़ी भूमिका है।