असम, केरल और पुदुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव 2026 में रिकॉर्ड मतदान ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने इसे सत्ता विरोधी लहर का संकेत बताते हुए दावा किया है कि तीनों राज्यों में कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में है।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में अल्वी ने कहा कि इस बार मतदान प्रतिशत बेहद ऊंचा रहा है। उन्होंने बताया कि असम में करीब 85 प्रतिशत और पुडुचेरी में लगभग 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। उनके मुताबिक जब भी वोटिंग प्रतिशत इतना ज्यादा होता है, तो यह आमतौर पर सत्ता के खिलाफ माहौल को दर्शाता है।
जनता का झुकाव कांग्रेस की ओर
अल्वी ने खास तौर पर केरल को लेकर भरोसा जताया। उनका कहना है कि यहां तक कि विपक्षी दलों के कुछ नेता भी मान रहे हैं कि इस बार कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि असम और पुदुचेरी में भी चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में जा सकते हैं। इस दौरान अल्वी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए उनके आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का व्यवहार मर्यादित होना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात में ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है।
चुनाव आयोग का ऐतिहासिक मतदान
वहीं, केंद्रीय चुनाव आयोग ने इस चुनाव को ऐतिहासिक बताया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी का मजबूत उदाहरण बताया। चुनाव आयोग के अनुसार, असम में 85.38 प्रतिशत मतदान हुआ, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। पुदुचेरी में भी 89.83 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जबकि केरल में 78.03 प्रतिशत मतदान हुआ। खास बात यह रही कि असम और केरल में महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी कठिन मौसम के बावजूद भारी मतदान के लिए मतदाताओं की सराहना की। उन्होंने इसे लोकतंत्र के प्रति लोगों की मजबूत आस्था का प्रतीक बताया।
तीनों राज्यों की 296 विधानसभा सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ, जिसमें 5.31 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने हिस्सा लिया। इस बार चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की, जो एक नई पहल मानी जा रही है।