जम्मू कश्मीर में लगातार बिगड़ते हालातों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बुलाई गई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक उनके सरकारी आवास सात रेसकोर्स पर खत्म हो गई।
बताया जा रहा है कि दो घंटे तक चली बैठक में इस बात पर खास चर्चा हुई कि कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जो कल बयान दिया वह काफी आपत्तिजनक है। तमाम बड़े मंत्री इस बयान पर नाराज दिखे। कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तानी नेताओं के बयानों पर भी चिंता जाहिर की गई। विदेश मंत्रालय ने भी कल इस बयान पर नाराजगी जताई थी। वहीं कश्मीर में हिंसक हो रही भीड़ को काबू करने के उपायों पर चर्चा की गई है।
बैठक के बाद बाहर निकले केंद्रीय राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने बताया कि बैठक में कश्मीर और सूडान के मुद्दे पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री तमाम हालात पर काफी नजदीकी से नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कश्मीर की जनता से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है, साथ ही राज्य सरकार और प्रदेश की जनता की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
जितेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई में किसी निर्दोष को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। अमरनाथ यात्रा पर भी उन्होंने संतोष जाहिर करते हुए कहा कि जिस तरह के भी सहयोग की राज्य सरकार को आवश्यकता होगी उसके लिए सरकार हर समय तैयार है।
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- फोटो : ANI
बता दें कि अफ्रीका के कई दिन लंबे व्यस्त दौरे से लौटते ही प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू कश्मीर में लगातार बिगड़ते हालातों पर चर्चा करने के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक अपने सरकारी आवास सात रेसकोर्स पर बुलाई थी। दो घंटे चली बैठक में तमाम बड़े मंत्रियों के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद रहे। जबकि इससे पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी जम्मू कश्मीर के हालातों को देखते हुए अपनी अमेरिका यात्रा स्थगित कर चुके थे।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा आतंकी बुरहान वानी को मुठभेड़ में मार गिराने के बाद कश्मीर में जबरदस्त हिंसा का दौर शुरू हो चुका है। अलगाववादियों की शह पर आतंकी की मौत से भड़की भीड़ लगातार सुरक्षाबलों और सरकारी मशीनरी को निशाना बना रही है।
इसके चलते अमरनाथ यात्रा पर भी संकट के बादल छाए हुए हैं। बवाली भीड़ जगह जगह अमरनाथ यात्रियों को भी निशाना बना रही है, जिसके चलते कई जगह यात्रा रोकी गई है। वहीं अभी तक की हिंसा में 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
कश्मीर में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था और हालातों पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री की ओर से अपने आवास पर आज उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है। जिसमें गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली, रक्षामंत्री मनोहर पारिकर, संसदीय राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित गृह मंत्रालय के कई बड़े अधिकारी मौजूद हैं।