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प्रसाद घोटाला: सबरीमाला मंदिर के घी बिक्री विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, एसपी रैंक अधिकारी करेंगे दोबारा जांच

Fri, 17 Jul 2026 01:41 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, कोच्चि।

सार

केरल सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि सबरीमाला मंदिर के 'आदिया सिष्टम घी' प्रसाद की बिक्री में कथित वित्तीय गड़बड़ी की दोबारा जांच होगी। वीएसीबी के एसपी रैंक अधिकारी पूरे रिकॉर्ड की जांच कर 23 सितंबर तक रिपोर्ट देंगे। 

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केरल उच्च न्यायालय (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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केरल सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया है कि सबरीमाला मंदिर के प्रसाद 'आदिया सिष्टम घी' की बिक्री में कथित वित्तीय गड़बड़ी के मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी। इसके लिए सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रैंक के अधिकारी को नियुक्त किया गया है। अधिकारी यह तय करेंगे कि त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) के कर्मचारियों पर धन के कथित दुरुपयोग को लेकर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया जाना चाहिए या नहीं।

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पीठ ने क्या निर्देश दिए हैं? 
इस दलील पर ध्यान देते हुए, न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और केवी जयकुमार की पीठ ने अधिकारी को लेखापरीक्षा विभाग और मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी की रिपोर्ट सहित पूरे अभिलेखों की जांच करने और मामले की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट पेश करने के लिए कितना समय दिया? 
अदालत ने अधिकारी एम.जे. सोजन, आईपीएस, पुलिस अधीक्षक, सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (वीएसीबी), विशेष प्रकोष्ठ, एर्नाकुलम को 23 सितंबर या उससे पहले अदालत के समक्ष एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। 

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने क्या कहा था? 

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अदालत ने इस मामले में वीएसीबी की रिपोर्ट पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा था कि इस मुद्दे के संबंध में एजेंसी के निष्कर्ष बोर्ड को हुए नुकसान के महत्व को कम करके आंकते प्रतीत होते हैं। वीएसीबी का यह मत था कि अभिलेखों के उचित रखरखाव के अभाव में संबंधित अवधि के दौरान मंदिर के विशेष अधिकारियों और काउंटर स्टाफ के रूप में कार्य करने वाले बोर्ड के कर्मचारियों पर व्यक्तिगत जिम्मेदारियां तय करना संभव नहीं था।

इसमें यह भी कहा गया था कि इस मामले में आरोपी सभी 43 कर्मचारी बोर्ड को हुए नुकसान के लिए सामूहिक रूप से जिम्मेदार थे। भविष्य में इसी तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की गई थी।

अदालत ने जांच का दिया था आदेश
अदालत ने शुरू में एक जांच का आदेश दिया था ताकि उन कारणों और परिस्थितियों की पहचान की जा सके जिनके परिणामस्वरूप 17 नवंबर, 2025 से 27 दिसंबर, 2025 की अवधि के दौरान सन्निधानम में घी की बिक्री के संबंध में कथित गबन के कारण टीडीबी को 17 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

टीडीबी के मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी की एक रिपोर्ट के बाद अदालत ने स्वयं ही याचिका शुरू की थी, जिसमें बताया गया था कि मंदिर में बेचे गए घी के 16,628 पैकेटों की बिक्री से प्राप्त राशि देवास्वोम खाते में जमा नहीं की गई है।

 

 

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