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हाईकोर्ट- मरीजों का नाम बताने से कौन-सा मकसद हल होगा, सावधानी बरतें कोरोना नहीं होगा

Wed, 29 Jul 2020 04:46 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला, नेटवर्क, मुंबई
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बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि कोरोना मरीज का नाम बताने से कौन सा उद्देश्य हल होगा। व्यक्ति अगर सभी तरह की सावधानी बरतेगा तो उसे कोरोना की चपेट में आने की चिंता नहीं करनी है। न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायाधीश सारंग कोटवाल की पीठ ने दो लोगों द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये तल्ख टिप्पणी की जिसमें कोरोना संक्रमित मरीजों का नाम बताने की गुहार लगाई गई थी। 
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याचिका में कहा गया था कि नाम सामने आए जाएंगे तो उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान हो जाएगी और संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। अदालत ने कहा ‘जोखिम लेने वालों को खतरा है’। अगर कोई व्यक्ति कोरोना से जुड़े सभी मानदंडों का पालन कर रहा है तो उसे संक्रमण की चपेट में आने का सबसे कम खतरा है। 
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कई अदालतों ने ऐसी याचिका रद्द की है

केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने अदालत को कोरोना संक्रमितों के नाम उजागर करने के मामलों को लेकर मध्यप्रदेश, केरल, मद्रास, ओडिशा हाईकोर्ट के फैसलों के बारे में जानकारी दी और बताया कि इस तरह की याचिका को कोर्ट ने रद्द कर दिया था। अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील यशोदीप देशमुख को अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों के बारे में जानने को कहा और अगले सप्ताह सुनवाई में आने को कहा।
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