पश्चिम बंगाल में भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच तिरंगा यात्रा विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। नंदीग्राम में स्थानीय भाजपा विधायक व नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को तिरंगा यात्रा निकालने से रोकने का मामला अब कोर्ट पहुंच गया है। अधिकारी ने बुधवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने राज्य के चार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पर सुनवाई 22 अगस्त को होने की संभावना है।
बुधवार को शुभेंदु की ओर से कोर्ट में याचिका दाखिली की गई। इस याचिका में राज्य के डीजीपी, पूर्व मेदिनीपुर के एसपी और एएसपी तथा एसडीपीओ के खिलाफ तिरंगा यात्रा रोके जाने को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह अधिकारी पूर्व मेदिनीपुर जिले के अपने विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम में तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उन्हें तिरंगा यात्रा निकालने से रोक दिया था। अधिकारी का आरोप था कि मुख्यमंत्री व गृहमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर यात्रा रोकी गई। उन्होंने पुलिस से पूछा की तिरंगा यात्रा बंगाल में नहीं, तो क्या पाकिस्तान या इस्लामाबाद में निकाल पाएंगे? हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना था कि पैदल तिरंगा यात्रा निकालने की अनुमति ली गई थी, लेकिन बाइक से यात्रा निकाली जा रही थी।
इसके बाद अधिकारी ने उसी दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। इसके बाद उन्होंने कहा था कि वे इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे। बुधवार को शुभेंदु की ओर से कोर्ट में याचिका दाखिली की गई। इस याचिका में राज्य के डीजीपी, पूर्व मेदिनीपुर के एसपी और एएसपी तथा एसडीपीओ के खिलाफ तिरंगा यात्रा रोके जाने को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है। भाजपा विधायक ने सवाल किया कि अभी तक चार पुलिस अधिकारियों को शो-काज क्यों नहीं किया गया है, जबकि यह मामला बहुत ही गंभीर है।