हाईकोर्ट की रोक के बावजूद सेनाधिकारी की पत्नी को चोरी के आरोप में जेल भेजने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अधिकारी की पत्नी द्वारा दाखिल अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट सख्त है। कोर्ट ने जिला जज केपी सिंह, अपर जिला जज मुकेश कुमार, दो एसीजेएम शिवानी सिंह और अनिल सिंह से इस मामले में आख्या मांगी है। कोर्ट ने एसओ धूमनगंज और चोरी की शिकायत करने वाले सेनाधिकारी स्क्वाड्रन लीडर कुनाल कुमारा को तलब कर लिया है। अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी सुनवाई कर रहे हैं।
अवमानना याचिका दाखिल कर कहा गया कि वायुसेना स्टेशन बम्हरौली में तैनात स्क्वाड्रन लीडर कुनाल कुमारा ने 21 जनवरी 2015 को धूमनगंज थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ 15 लाख रुपये कीमत के जेवरात की चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में अपने बयान में उन्होंने चोरी का आरोप एक दूसरे सेना अधिकारी की पत्नी मोनिका पर लगा दिया। मोनिका ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की, जिस पर कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी मगर पुलिस को छूट दी कि वह फिंगर प्रिंट के लिए मजिस्ट्रेट की कोर्ट में अर्जी देकर इजाजत मांग सकती है।
इस दौरान मोनिका के पति का तबादला अंडमान निकोबार द्वीप हो गया और वह पति के साथ चली गई। इधर पुलिस ने एसीजेएम की कोर्ट में मोनिका की गिरफ्तारी का वारंट यह कहते हुए हासिल कर लिया कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। मोनिका को अंडमान से गिरफ्तार कर इलाहाबाद कोर्ट में पेश किया गया। अधीनस्थ न्यायालय ने उसकी जमानत खारिज करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। करीब 20 दिन जेल में रहने के बाद एडीजे कोर्ट से मोनिका को जमानत मिल सकी।