हाईकोर्ट ने बाड़मेर (राजस्थान) स्थित तेल भंडार से तेल निर्माण के लिए ओएनजीसी से हुए वेदांता के समझौते को 2030 तक बढ़ाने का निर्देश केंद्र सरकार को दिया है। यह समझौता 1995 में किया गया था और यह 2020 में समाप्त होना था।
हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा- 2030 तक बढ़ाए समझौता
जस्टिस राजीव शकधर ने फैसले में कहा कि समझौता वेदांता के पक्ष में 2030 तक 1995 के समझौते की शर्तों और नियमों के साथ बढ़ाया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह निर्देश वेदांता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने दो सप्ताह में समझौता बढ़ाने की जानकारी वेदांता और ओएनजीसी को देने का निर्देश केंद्र सरकार को दिया है। पेश याचिका दायर कर वेदांता ने ओएनजीसी के साथ हुए प्रोडक्शन शेयरिंग समझौते को 2030 तक बढ़ाने का आग्रह किया था। इस समझौते के तहत वेदांता बाड़मेर के तेल भंडार से तेल निकालती है।
ओएनजीसी ने समझौता की अवधि बढ़ाने के लिए जुलाई 2016 में केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। केंद्र सरकार ने इस मामले में अक्तूबर 2016 तक फैसला लेने का आश्वासन दिया था। सरकार ने इस दिशा में व्यापक नीति बनाने का हवाला देते हुए मोहलत मांगी थी। पेश मामले में वेदांता ने 2009 में समझौता बढ़ाने के लिए सरकार से आग्रह किया था लेकिन जवाब नहीं मिला था। कंपनी का कहना था कि इस संबंध में सरकारी निर्णय में देरी से इस प्रोजेक्ट में 30 हजार करोड़ का निवेश नहीं कर पा रही है।