फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Flood: अरुणाचल में अचानक आई बाढ़ के बाद असम में हाई अलर्ट, निचले इलाकों में खतरे की चेतावनी

Wed, 24 Jun 2026 03:16 PM IST
Asmita Tripathi आईएएनएस, गुवाहाटी

सार

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश के बाद असम में हाई अलर्ट जारी किया गया है। सुबनसिरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई जिलों में बाढ़ का खतरा है। प्रशासन ने राहत एजेंसियों को तैयार रहने और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

विज्ञापन
बाढ़ (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : आईएएनएस
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बाद असम सरकार ने राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले एक-दो दिनों में कई निचले जिलों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।

विज्ञापन


मूसलाधार बारिश के कारण आया बाढ़ 
बुधवार को जारी सरकारी बयान के अनुसार, सुबनसिरी नदी बेसिन के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई अत्यधिक बारिश के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे नदी के प्रवाह में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी), गुवाहाटी और मौसम केंद्र, ईटानगर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, लोअर सुबनसिरी जिले के याजाली स्टेशन पर पिछले 24 घंटों में 72.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसमें से अधिकांश बारिश बुधवार सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हुई। उपग्रह और रडार तस्वीरों से पता चला है कि सुबह 6 बजे से 7:30 बजे के बीच हुई मूसलाधार बारिश के कारण अचानक बाढ़ और नदी के जलप्रवाह में तेज उछाल आया।

यह बाढ़ पन्योर लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना क्षेत्र में दर्ज की गई, जिसे पहले रंगानदी हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के नाम से जाना जाता था। अधिकारियों ने बताया कि जलप्रवाह में अचानक वृद्धि के चलते अधिक पानी छोड़ने के लिए परियोजना का एक स्पिलवे गेट खोला गया। याजाली क्षेत्र से मिली रिपोर्टों के अनुसार, मलबे के साथ आई बाढ़ से कई मकानों और अन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि बाढ़ की लहर सबसे पहले धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ और सोनितपुर जिलों को प्रभावित कर सकती है। इसके बाद यह पश्चिमी असम की ओर बढ़ते हुए अगले एक-दो दिनों में धुबरी तक पहुंच सकती है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के निर्देश पर मुख्य सचिव रवि कोटा ने स्थिति की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों को अधिकतम सतर्कता बरतने तथा आपदा से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।

लोगों को सतर्क रहने का आदेश
जिला प्रशासन को लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया है। वहीं, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य आपदा राहत एजेंसियों की टीमों को भी तैनाती के लिए तैयार रखा गया है। प्रशासन ने निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने तथा छोटी नावों और देशी नौकाओं से यात्रा न करने की सलाह दी है, क्योंकि नदी की धाराएं तेज होने की आशंका है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें