ऐसी बातें भी कही जाती हैं कि यह प्रथा गुजरात और मध्य प्रदेश में एक व्यवसाय बन चुकी है। महिलाओं को किराए पर लेने के लिए मूल्य 500-50,000 रुपये के बीच होता है। इस काम के लिए बिचौलिये भी रखे जाते हैं। इसका शिकार अधिकतर आदिवासी होते हैं। कई बार तो बिचौलियो खरीददार से 65,000-70,000 रुपये ले लेते हैं और महिला के परिवार को 15,000-20,000 रुपये ही देते हैं।