शहर बरेली देश में तमाम दरगाहें और मजार ऐसी हैं जहां महिलाओं के जाने पर कोई पाबंदी नहीं है। यहां के जिम्मेदार लोगों का भी मानना है कि महिलाओं के आने में कोई हर्ज नहीं है। अलबत्ता दरगाह की पवित्रता का ख्याल रखते हुए कुछ एहतियात बरतने की हिदायत जरूर करते हैं।
शहर की ही तमाम दरगाहों और मजारों का जिक्र करें तो यहां की कई प्रमुख दरगाहों पर बड़ी संख्या में महिलाएं हाजरी देने आती हैं। इसमें खास तौर से खानकाह नियाजिया, दरगाह हजरत शाह शराफत मियां, दरगाह हजरत शाहदाना वली, दरगाह हजरत बशीर मियां, दरगाह हजरत नासिर मियां, मजार हजरत दुल्हा मियां, हजरत झाड़-झूड़ शाह बाबा सहित दर्जनों ऐसे आस्ताने हैं जहां महिलाएं मन्नतों मुराद के लिए पहुंचती हैं।
खानकाह नियाजिया के प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी का कहना है कि दरगाहों ने तो हमेशा जोड़ने का काम किया है। ये तो बुजुर्गों का दर है यहां सभी लोग बिना जात-ओ मिल्लत आते हैं। इसी तरह महिलाएं भी हमारे समाज का हिस्सा हैं। इन्हें हमेशा इज्जत की नजर से देखा गया है।