देश में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चर्चा तेज हो चुकी है। सरकार की एक समिति ने भी गणितीय मॉडल के आधार पर सितंबर में फिर से नए मामले बढ़ने और अक्तूबर-नवंबर के बीच तीसरी लहर का पीक आने तक की आशंका व्यक्त की है लेकिन उससे पहले सरकार ने हर्ड इम्युनिटी बनाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
जानकारी मिली है कि सरकार टीकाकरण के जरिए हर्ड इम्युनिटी विकसित करने पर ध्यान दे रही है जिसमें मंगलवार को एक कामयाबी भी मिली है। देश में 30 फीसदी आबादी का एकल टीकाकरण पूरा हो चुका है। अब सरकार ने सितंबर तक इस लक्ष्य को 50 फीसदी से अधिक ले जाने पर काम करने के लिए कहा है।
दरअसल देश में अभी कुल टीकाकरण 35.75 करोड़ हुआ है जिनमें से 35.43 करोड़ लोग खुराक ले चुके हैं। इनमें से 28.87 करोड़ ने पहली और 6.55 करोड़ ने दूसरी खुराक लेकर टीकाकरण पूरा किया है। मंत्रालय के अनुसार देश में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की कुल आबादी 94 करोड़ है।
इस आधार पर देखें तो छह जुलाई को देश में 30 फीसदी (28.2 करोड़) लोग पहली खुराक ले चुके हैं। इसी 94 करोड़ की आबादी में सितंबर माह तक कम से कम 45 से 50 करोड़ लोगों को कम से कम एक खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है।
चौथे सीरो सर्वे का परिणाम आना बाकी
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दूसरी लहर के दौरान देश में बड़ी आबादी चपेट में आई है। संक्रमण की स्थिति समझने के लिए अभी चौथे सीरो सर्वे का परिणाम आना बाकी है लेकिन उससे पहले टीकाकरण के जरिए 18 वर्ष या उससे अधिक 30 फीसदी आबादी में एंटीबॉडी विकसित हुई हैं।
वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार वैक्सीन की एक खुराक के जरिए इम्युनिटी बनने लगती है और दूसरी खुराक के जरिए वह बूस्ट होती है। उन्होंने कहा कि एकल खुराक का टीकाकरण बढ़ने से संक्रमण की आगामी लहर पर बड़ा असर यही पड़ेगा कि वह बीती दूसरी लहर की भांति अधिक गंभीर नहीं होगी।
हालांकि कोशिश यह भी है कि दूसरी खुराक का टीकाकरण भी तेज किया जाए ताकि संक्रमण की आगामी लहरों से पहले उसका असर हल्का कर दिया जाए।