झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पार्टी के नेता हेमंत सोरेन ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 2014 निश्चित तौर पर एक सुपर-डुपर हिट फिल्म थी। लोग गये और इसे देखा, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि लोग एक ही फिल्म को बार-बार देखने के लिए जाएं।
एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि भाजपा जब विपक्ष में होती है तो उसके भाषणों से विकास पूरी तरह गायब हो जाता है। वो असली मुद्दों से भटक जाते हैं। ये हम कर्नाटक और गुजरात में देख चुके हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक का चुनाव 'अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मुहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर क्यों है और मुसलमान सड़कों पर नमाज क्यों अदा करते हैं' जैसे मुद्दों पर लड़ा गया था।
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद हर पार्टी मुख्य मुद्दों को अनदेखा करने की कोशिश करती है, जिसके बाद विपक्ष की ये जिम्मेदारी बन जाती है कि वो चुनाव के दौरान किए गए वादे सरकार को याद दिलाए और उन्हें पूरा करवाये। उन्होंने कहा कि हम हमेशा ऐसे मुद्दों को उठाने का प्रयास करते हैं।
सोरेन ने आगे कहा कि ऐसे कई मुद्दे हैं जो आम जनता से संबंधित हैं, लेकिन ऐसा सुनने में आ रहा है कि भाजपा अगले चुनाव में फिर राम मंदिर और अन्य विवादास्पद मुद्दों को उठाने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि 2014 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को ब्रांड बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार उनका यह तरीका काम नहीं आने वाला है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक ऐसी संस्कृति बना दी है कि किसी एक व्यक्ति के लिए वोट मांगा जा रहा है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसकी नीतियां और विचारधारा क्या हैं?
उन्होंने विपक्षी गठबंधन को लेकर भी कहा कि कांग्रेस विपक्ष को एकजुट करने में अहम किरदार निभा रही है, इसमें कोई शक नहीं है। अगर वह 2019 चुनाव में असल मुद्दों के साथ आएगी तो मुझे विश्वास है कि सब उसके साथ खड़े होंगे।