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DG Jail Murder: Z+ सुरक्षा वाले लोहिया के पास नहीं था गार्ड, क्या ओवर ग्राउंड वर्कर का निशाना बने डीजी?

सार

DG Jail Murder: जेएंडके के पूर्व डीजीपी एसपी वैद का कहना है, जब यासिर भरोसे का आदमी था, तो उसके लिए कोई भी तरीका मुश्किल नहीं था। वह जहर देकर भी लोहिया की हत्या कर सकता था। ये सब लंबी प्लानिंग का नतीजा है। आरोपी यासिर, कई अफसरों के पास काम कर चुका है...
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DG Jail Murder- Hemant Kumar Lohia - फोटो : Agency (File Photo)
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जम्मू-कश्मीर के डीजी (जेल) हेमंत कुमार लोहिया की हत्या के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। भले ही शुरुआती जांच में  जेएंडके पुलिस इस वारदात को आतंकी घटना का हिस्सा नहीं मान रही है, लेकिन सिलसिलेवार कड़ियों को देखें तो यह सामान्य घटना नजर नहीं आती। इसमें पाकिस्तानी आईएसआई और उसके गुर्गे आतंकी संगठनों के शामिल होने की बात को सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता। डीजीपी स्तर के अधिकारी को जेड प्लस की सुरक्षा मिलती है, लेकिन लोहिया के पास एक गार्ड तक नहीं था। ये बात उसी कड़ी का हिस्सा है। घाटी में लोकल एवं विदेशी (पाकिस्तानी) आतंकियों की संख्या लगातार घट रही है। वे सुरक्षा बलों का निशाना बन रहे हैं। अब उनकी संख्या दो सौ से नीचे आ गई है। इसी वजह से आतंकी संगठन, ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) की मदद से टारगेट किलिंग जैसे नए तरीके इस्तेमाल में ला रहे हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा, ये संभव है। डीजी लोहिया की हत्या, आतंकी हमले का एक नया तरीका हो सकता है। वहीं इस मामले के तार आतंकी संगठन पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) से जोड़े जा रहे हैं।  

केस की तमाम कड़ियों को सिलसिलेवार देखें …

डीजी (जेल) हेमंत कुमार लोहिया की बेरहमी से हत्या की गई है। आरोपी यासिर ने पहले डीजी का गला रेता। उसके बाद शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी कई वार किए। हत्यारे ने लोहिया के शरीर पर केरोसिन छिड़क कर उन्हें जलाने का भी प्रयास किया। जेएंडके के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने अमर उजाला डॉट कॉम के साथ बातचीत में कहा, इस वारदात को गौर से देखें। जब इस केस की तमाम कड़ियों को सिलसिलेवार सामने रख कर देखेंगे, तो वह बात ठीक नहीं लगेगी कि हत्यारे का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। वह मानसिक तौर पर कमजोर था, ये बात पूरी तरह ठीक नहीं है। हत्यारे ने पहले डीजी लोहिया का गला रेता और उसके बाद शरीर के दूसरे हिस्सों पर वार किया। वह यहां तक भी नहीं रुका, उसने लोहिया के शरीर को जलाने का प्रयास किया। उसने बर्बरतापूवर्क डीजी लोहिया की हत्या की है। यासिर को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ के बाद ही केस की सही तस्वीर सामने आ सकेगी।

जहर देकर भी लोहिया की हत्या कर सकता था

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने पिछले दो तीन वर्षों के दौरान भारी संख्या में आतंकी मार गिराए हैं। घाटी में लगातार एनकाउंटर चल रहे हैं। अगर यासिर ने केवल पैसे के लिए यह वारदात की है, तो उसे शरीर को जलाने की जरूरत क्यों पड़ी? वह उन्हें मारने का कोई दूसरा तरीका भी अपना सकता था। बतौर एसपी वैद, जब वह भरोसे का आदमी था तो उसके लिए कोई भी तरीका मुश्किल नहीं था। वह जहर देकर भी लोहिया की हत्या कर सकता था। ये सब लंबी प्लानिंग का नतीजा है। आरोपी यासिर, कई अफसरों के पास काम कर चुका है। वह गृह सचिव के पास दो साल तक रहा है। इसके चलते किसी को उस पर शक नहीं हुआ। ये आतंकियों का एक नया तरीका हो सकता है। घाटी में पहले से ही आतंकी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर मौजूद हैं। उन्होंने टारगेट किलिंग की अनेक वारदातों को अंजाम दिया है। कई पुलिस अधिकारियों को पिस्टल के जरिए मारा गया है।

उन्हें पुलिस ट्रांजिट मैस में रहना चाहिए था

सामान्य तौर पर डीजीपी की सुरक्षा जेड श्रेणी में आती है। लोहिया, सरकारी आवास में नहीं थे। वे अपने दोस्त के घर पर रह रहे थे। वह एक प्राइवेट आवास था। उसे लोहिया के पास रहते हुए करीब आधा वर्ष ही बीता था। यहां पर ये भी जांच का विषय है कि हेमंत लोहिया ने आखिर सुरक्षा क्यों नहीं ली? अगर सरकारी आवास में काम चल रहा था तो कायदे से उन्हें पुलिस ट्रांजिट मैस में रहना चाहिए था। यदि उन्हें खुद से सुरक्षा नहीं ली है तो क्यों नहीं ली है। प्राइवेट आवास था तो वहां भी गार्ड लगने चाहिए थे। मोबाइल एस्कोर्ट भी एक तरीका था। पीएसओ तो साथ रह ही सकता है। ये पाकिस्तानी आईएसआई का एक नया तरीका हो सकता है। घाटी में रोजाना मारे जा रहे आतंकियों से आईएसआई बौखलाहट में है। उसे घाटी में नए युवक नहीं मिल रहे हैं। हैंड ग्रेनेड फेंकना और टारगेट किलिंग, इन तरीकों के बाद अब आतंकियों ने नासिर जैसे लोगों को अपने साथ रखना शुरु किया है। इस तरह की वारदात में आतंकियों को सुरक्षा बलों के साथ सीधी टक्कर नहीं लेनी पड़ती। चूंकि सीधी टक्कर में उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में वे अब ओवर ग्राउंड वर्कर की मदद से टारगेट किलिंग जैसी वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

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