अपने शानदार फिल्मी किरदारों से भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने लंबे अरसे तक सिनेमा प्रेमियों के दिलों पर राज किया है। फिल्म शोले में उनका बसंती का किरदार इतना प्रसिद्ध हुआ कि लोग उन्हें 'बसंती' के नाम से ही पुकारने लगे। लेकिन वाराणसी में आयोजित हो रहे प्रवासी भारतीय दिवस में 21 जनवरी को वे एक ऐसे रुप में नजर आएंगी जिसे लोग लंबे अरसे तक भूल नहीं पाएंगे।
दरअसल, वे इस सम्मेलन में प्रवासी भारतीयों के समक्ष 'मां गंगा' पर एक विशेष बैले डांस प्रस्तुत करेंगी जिसे कला के क्षेत्र में एक नए प्रयोग के रुप में देखा जा रहा है। इस डांस के जरिये गंगा के धरती पर अवतरित होने से लेकर उनकी आज तक की दशा पर नृत्य के माध्यम से एक कहानी प्रस्तुत की जाएगी। इसमें गंगा के रोल में खुद हेमा मालिनी नजर आएंगी। प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन 21-23 जनवरी को उत्तरप्रदेश के वाराणसी में हो रहा है। वाराणसी प्रधानमंत्री का लोकसभा संसदीय क्षेत्र भी है।
क्या रहेगा कथानक
गंगा ने लोगों को मोक्ष प्रदान करने के लिए धरती पर अवतार लिया था। लेकिन जब वे पृथ्वी पर आईं तो मनुष्यों ने अपनी गंदगी से उन्हें ही बेमौत मारने की कुचेष्टा शुरु कर दी। इससे गंगा क्रोधित हो गईं और एक दिन उन्होंने धरती छोड़ स्वर्ग वापस जाने का फैसला कर लिया। इसके बाद धरती के लोगों को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने मां गंगा से क्षमा मांगी और उनसे धरती पर ही रहने की प्रार्थना की। गंगा पृथ्वीवासियों से यह वचन लेकर यहीं रहने के लिए तैयार हो जाती हैं कि आगे से वे उन्हें प्रदूषित नहीं करेंगे। यह पूरा कथानक नृत्य की अनेक शैलियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
कौन दे रहा हेमा मालिनी का सहयोग
यह पूरा कार्यक्रम हेमा मालिनी के दिमाग की उपज बताई जा रही है। प्रवासी भारतीयों पर इस कार्यक्रम की अमिट छाप छोड़ने के लिए हेमा मालिनी ने दिग्गज कलाकारों की एक टीम तैयार की है। वे खुद लीड रोल में होंगी और स्टेज पर उनका साथ देने के लिए शास्त्रीय नृत्य में प्रवीण उनके साथ सहकलाकार होंगे। पार्श्वगायन में सुरेश वाडकर, कविता कृष्णमूर्ति, शंकर महादेवन और मीका सिंह की सुमधुर आवाज सुनाई पड़ेगी। पौराणिक कथानकों से लोगों के बीच एक खास उपस्थिति बना चुके देवदत्त पटनायक ने स्क्रिप्ट तैयार करने में मदद दी है। यशराज स्टूडियो के कलाकार मंच पर शानदार मिक्सिंग कर दर्शकों के सामने सजीव चित्र प्रस्तुत करेंगे।