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मुंबई में भारी बारिश से आफत, रेलवे स्टेशनों के बीच दो ट्रेनें फंसीं, बचाए गए 55 यात्री

Wed, 05 Aug 2020 11:23 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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मुंबई बारिश (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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महाराष्ट्र में मुंबई और पड़ोसी जिलों ठाणे और पालघर में बुधवार को भारी बारिश हुई। इसकी वजह से रेल की पटरियों और सड़कों पर जलभराव हो गया और लोकल ट्रेन तथा बस सेवाएं बाधित हो गईं। पालघर में सुबह भारी बारिश के कारण पश्चिमी रेलवे मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही। मुंबई के चेंबूर, परेल, हिंदमाता, वडाला और अन्य क्षेत्रों के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। सायन और कुर्ला इलाकों में पटरियों पर जलभराव हो गया है और ट्रेनें देरी से चलीं। हालात ऐसे हो गए कि दो स्टेशनोंं के बीच दो ट्रेनें फंस गईं। यात्रियों को एनडीआरएफ की टीम ने बचाया। 

रेलवे स्टेशनों के बीच दो ट्रेनें फंसीं

मुंबई: भारी बारिश की वजह से रेलवे ट्रैक में पानी भर जाने से मस्जिद और भायखाला रेलवे स्टेशनों के बीच दो ट्रेनें फंसीं। NDRF ने लोगों का बचाव किया।

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एनडीआरएफ की टीम ने इन ट्रेनों से 55 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। 


जेजे अस्पताल में भी पानी घुसा 
लगातार बारिश से स्थिति ऐसी बिगड़ी कि जेजे अस्पताल में भी पानी घुस गया। 



ट्रेनों की आवाजाही पर असर 
 
पश्चिमी रेलवे के मुख्य प्रवक्ता सुमित ठाकुर ने बताया कि दो घंटों में 266 मिमी. बारिश के कारण सुबह पांच बजकर 40 मिनट से सात बजकर 10 मिनट तक पालघर में ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही और इसके चलते कुछ ही ट्रेनें चलाई गईं।   मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता शिवाजी सुतार ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल से कसारा (ठाणे), खोपोली (रायगढ़), पनवेल (नवी मुंबई) और गोरेगांव तक उनकी उपनगरीय सेवाएं भारी बारिश के बावजूद चलीं। मध्य रेलवे और पश्चिमी रेलवे दोनों आवश्यक तथा आपात सेवाओं में काम कर रहे लोगों के लिए हर रोज करीब 350 विशेष ट्रेनें चला रहे हैं।
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बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) की बस सेवाएं भी कुछ सड़कों पर जलभराव के कारण प्रभावित हुई हैं। बेस्ट के एक प्रवक्ता ने बताया कि ठाणे जिले में दो स्थानों समेत 30 से अधिक मार्गों पर सुबह नौ बजे तक उनकी बसों का मार्ग बदला गया।

उधर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुंबई केंद्र के उप महानिदेशक के एस होसलीकर ने बताया कि पालघर के डहाणू में स्थित मौसम केंद्र ने बुधवार को सुबह साढ़े पांच बजे तक 12 घंटों में 364 मिलीमीटर की बारिश दर्ज की। विभाग ने दिन में और तेज बारिश का अनुमान जताया है। 

होसलीकर ने ट्वीट किया, ‘बादलों की गतिविधि से पता चलता है कि बुधवार को एक और दिन तेज बारिश होगी।’ उन्होंने कहा, ‘पूरे कोंकण क्षेत्र में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ठाणे, मुंबई और पालघर समेत उत्तरी कोंकण में अधिक बारिश हो सकती है।’ उन्होंने बताया कि दक्षिण मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और मराठावाड़ा क्षेत्र में भी बहुत भारी बारिश की संभावना है। होसलीकर ने कहा, ‘आईएमडी के अनुमान के मुताबिक उत्तर खाड़ी में मंगलवार को कम दबाव का क्षेत्र बनने से अरब सागर में निचले स्तर पर चलने वाली दक्षिणी हवाएं और तेज हो गई है। इससे मुंबई में तथा उसके आसपास भारी से बहुत भारी बारिश हुई है।’

पुणे के महापौर मुरलीधर मोहोल ने कहा कि चूंकि आईएमडी ने अच्छी बारिश का अनुमान जताया है तो शहर में 22 अगस्त से शुरू हो रहे गणेश उत्सव तक पानी की आपूर्ति में कोई कटौती न होने की संभावना है। जिला प्रशासन ने बताया कि पश्चिमी महाराष्ट्र में कोयना बांध से 1,139 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और कोल्हापुर जिले में पंचगंगा नदी पर कम से कम 80 बंधिकाएं डूब गईं।

भारी बारिश से डीवाई पाटिल स्टेडियम को नुकसान

नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण नेरूल में स्थित डीवाई पाटिल स्टेडियम को भारी नुकसान पहुंचा है। नवी मुंबई पुलिस के आयुक्त संजय कुमार ने ट्वीट किया, प्रतिष्ठित स्टेडियमों में से एक डीवाई पाटिल स्टेडियम को नुकसान पहुंचा है। 

पुलिस आयुक्त ने नुकसान की तस्वीर भी डाली। नेरूल पुलिस थाने के एक कर्मचारी ने बताया कि बारिश और तेज हवा से स्टेडियम को नुकसान पहुंचा।

बारिश में बीएसई मुख्यालय के शीर्ष पर लगा प्रतीक चिन्ह क्षतिग्रस्त हुआ

मुंबई में तेज हवाओं और भारी बारिश से प्रमुख शेयर बाजार बीएसई मुख्यालय के शीर्ष पर लगा उसका प्रतीक चिन्ह क्षतिग्रस्त होकर झूलने लगा। एशिया के सबसे पुराने शेयर बाजार का मुख्यालय 29 मंजिला है, और यह दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके की सबसे ऊंची इमारत है।

अधिकारियों ने कहा कि बीएसई की छत पर लगा यह प्रतीक चिन्ह टूट गया और यह भवन से नीचे की ओर लटक गया। कुछ ही देर में इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया में प्रसारित होने लगीं। उन्होंने बताया कि चूंकि कर्मचारी प्रतीक चिन्ह को उतारने में असमर्थ थे, इसलिए दमकल अधिकारियों की मदद ली गई।

पीएम मोदी ने उद्धव से की बात, हरसंभव मदद का दिया आश्वासन

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बातचीत कर मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के चलते उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मुंबई और इसके पड़ोसी जिलों ठाणे तथा पालघर में बुधवार को तेज हवाओं के साथ हुई भारी बारिश के चलते उपनगरीय ट्रेन एवं बस सेवाएं प्रभावित हो गई। मौसम खराब होने से जनजीवन भी अस्त व्यस्त हो गया।

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प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के चलते उत्पन्न स्थिति पर बात की। इसके मुताबिक प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार सुबह तक महाराष्ट्र के इन इलाकों में मूसलाधार बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

 

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