मौसम विभाग के निदेशक के जी रमेश ने बताया कि बीते मंगलवार को सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हुई। करीब 15 जगहों पर 100 से 300 मिमी वर्षा हुई। गुजरात में खासकर सौराष्ट्र के इलाके में बारिश ने तबाही मचाई है। बाढ़ प्रभावित सात जिलों से 4 हजार लोगों को बचाया गया है। गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ में 44.8 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई और एक दिन में महीने की 30 प्रतिशत बारिश हुई है। गुजरात में अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है।
हालांकि अभी तक मानसून का वितरण ठीक नहीं रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा में मानसून की बेरुखी अभी भी जारी है। उत्तर प्रदेश, बिहार में अब तक 45 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है। देश के 91 जलाश्यों में पानी पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। अभी 32.847 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी है। यह कुल स्टोरेज क्षमता का महज 20 प्रतिशत है। यह अहम है कि इन 91 में से 31 जलाश्य दक्षिण भारत में है। जहां मानसून काफी मजबूत रहा है। 11 राज्यों में कम बारिश से खेती पर असर पड़ा है। अब तक 333.76 मिलियन हेक्टेयर बुआई हुई है, बीते साल की तुलना में 14 प्रतिशत कम है। बंगाल, यूपी, बिहार, झारखंड में कम बारिश से धान का रकवा 15 प्रतिशत हुआ।
मौसम विभाग ने कोंकण और गोवा, गुजरात में सौराष्ट्र रीजन, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।