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दार्जिलिंग में बारिश-भूस्खलन: अबतक 23 मौतें, आज CM ममता का दौरा; उत्तर बंगाल में सड़कें-पुल ध्वस्त, कटा संपर्क

Mon, 06 Oct 2025 03:53 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क/ ब्यूरो, अमर उजाला, दार्जिलिंग।

सार

दार्जिलिंग बारिश और भूस्खलन का कहर झेल रहा है। अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगी। उत्तर बंगाल में कई सड़कें और पुल ध्वस्त होने के कारण दूरदराज के कई गांवों से संपर्क कट गया है। एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। पीएम मोदी ने मदद का भरोसा दिलाया है। मौसम की मार के कारण पड़ोसी देश नेपाल में भी आपदा आई है। पढ़िए ये रिपोर्ट
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उत्तर बंगाल में भारी बारिश से तबाही। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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उत्तर बंगाल और सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों में पुल टूटने, भूस्खलन और बाढ़ से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग लापता हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। इस मूसलाधार बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और सिक्किम में हुआ है। बारिश के चलते मिरिक और सुकिया इलाके में कई जगह भूस्खलन हुआ है। दार्जिलिंग जिले के मिरिक में लैंडस्लाइड से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है। सड़कों पर कई जगह मलबा जम गया है और यातायात पूरी तरह बाधित है। सिक्किम से संपर्क टूट गया है।

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जिले के कस्बों और पर्यटन स्थलों मिरिक और कुर्सेओंग को जोड़ने वाला दुदिया आयरन ब्रिज भी भरभराकर ढह गया है। भारी बारिश की वजह से फिलहाल सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग स्टेट हाईवे-12 पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दलों ने राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन लगातार बारिश और फिसलन भरी सड़कों के कारण राहत कार्यों में दिक्कत आ रही है। प्रशासन ने लोगों से पहाड़ी रास्तों और नदी किनारों से दूर रहने की अपील की है।
 

उत्तर बंगाल में भारी बारिश से तबाही। - फोटो : एजेंसी।
भयावह बाढ़ को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को सरकार हर संभव मदद देगी। सीएम ने कहा कि पिछले 12 घंटों से हो रही लगातार तेज बारिश ने पूरे राज्य में तबाही मचा दी है। इस भारी बारिश की वजह से कई लोगों की मौत हो गई और कई लोग अभी भी लापता हैं। वे सोमवार को उत्तर बंगाल दौरे पर आएंगी। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ने दार्जिलिंग आपदा पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा दार्जिलिंग-सिलीगुड़ी रोड पर हुआ, जो पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तर बंगाल को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। पुल ढहने का कारण बेहद तीव्र बारिश और पहाड़ी ढलानों में मिट्टी खिसकना बताया जा रहा है। कुछ हिस्से में सड़क धंसने और मिट्टी के मलबे ने मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है।

इस बीच, बंगाल पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘शनिवार रात हुई भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग की कुछ सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। सड़क साफ करने का काम चल रहा है और जल्द ही सामान्य यातायात बहाल होने की उम्मीद है। जो पर्यटक फंसे हुए हैं या जिन्हें सहायता की जरूरत है, वे दार्जिलिंग पुलिस नियंत्रण कक्ष से +91 91478 89078 पर संपर्क कर सकते हैं।
 
राजनैतिक दलों ने जताया दुख
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मिरिक, जोरबंगलो सुखियापोखरी और फालाकाटा सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे प्रभावितों की मदद में सक्रिय हों।

वहीं, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लगातार बारिश से पहाड़ी इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और सिलीगुड़ी, तराई और डुआर्स का संपर्क बाधित हो गया है। उन्होंने बताया कि बलासन नदी पर बना लोहे का पुल टूट गया, जिससे हजारों लोग फंसे हुए हैं। अधिकारी ने मुख्य सचिव से तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने और संचार नेटवर्क बहाल करने की मांग की।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मृतकों के प्रति शोक जताते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ता प्रभावित लोगों की मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस त्रासदी से दुखी हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। दार्जिलिंग से बीजेपी सांसद राजू बिस्ता ने स्थानीय लोगों की एकजुटता की सराहना की और कहा कि आपदा के बीच भी सभी मिलकर पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।

उत्तर बंगाल में भारी बारिश से तबाही। - फोटो : एजेंसी।
दूधिया में पुल ढहा, सिक्किम से संपर्क टूटा
भारी बारिश के कारण बालासन नदी पर दूधिया स्थित लोहे का पुल बह गया, जिससे सिलीगुड़ी और मिरिक का संपर्क टूट गया। पुल के ध्वस्त होने से वाहन आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। पुलिस मौके पर हालात पर नजर बनाए हुए है। नेशनल हाईवे 717ई पर पेडोंग और रिशिखोला के बीच भूस्खलन से सिलीगुड़ी और सिक्किम को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग बंद हो गया हैय़ इसके अलावा हुसैन खोला और एनएच-110 (कर्सियांग के पास) में भी भूस्खलन की खबर है। लगातार बारिश के कारण सड़क से मलबा हटाने का काम बेहद मुश्किल हो रहा है।
 
कालिम्पोंग में हालात गंभीर
कालिम्पोंग जिले में भी लगातार बारिश के चलते कई सड़कें बंद हो गई हैं और संचार सेवाएं बाधित हैं। लगातार भूस्खलन की वजह से प्रशासन अलर्ट पर है। वहीं जलपाईगुड़ी के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। घर डूब गए हैं और लोग घुटने-भर पानी में फंसे हुए हैं।
 

उत्तर बंगाल में भारी बारिश से तबाही। - फोटो : एजेंसी।
राष्ट्रीय राजमार्ग में भी भूस्खलन
जानकारी के मुताबिक भारी बारिश के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग 110 पर स्थित हुसैन खोला में भी भूस्खलन हुआ है, जिससे सिलीगुड़ी औरदार्जिलिंग के बीच का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। सड़कों पर कई जगह मलबा जम गया है और यातायात पूरी तरह बाधित है। प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को वैकल्पिक मार्ग से भेजने की व्यवस्था की है।
 
महानंदा नदी पर टूटा तटबंध
पश्चिम बंगाल के राजगंज प्रखंड के पोराझार में भारी बारिश के बाद भारी जलभराव हो गया है। कई घर और खेत जलमग्न हो गए हैं। महानंदा नदी पर बने तटबंध का एक हिस्सा अचानक टूट जाने से कई लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर होना पड़ा है।
 

उत्तर बंगाल में भारी बारिश से तबाही। - फोटो : एजेंसी।
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाक के मुताबिक सोमवार सुबह तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी बारिश होने की संभावना है। दार्जिलिंग के साथ-साथ अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। विशेष रूप से तीस्ता और माल नदी के उफान ने मालबाज़ार और डुआर्स क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
 

उत्तर बंगाल में भारी बारिश से तबाही। - फोटो : एजेंसी।
दक्षिण बंगाल और झारखंड-बिहार सीमा पर भी बारिश का असर
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी झारखंड, दक्षिण बिहार और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश तक फैले निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण अगले 24 घंटे तक भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। मुर्शिदाबाद, बीरभूम और नदिया ज़िलों में भी सोमवार तक तेज वर्षा का पूर्वानुमान है। शनिवार सुबह तक 24 घंटों में बांकुरा ज़िले में सबसे अधिक 65.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई.हालात को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने और निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
 

उत्तर बंगाल में भारी बारिश से रेल ट्रैफिक प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द, कुछ का मार्ग बदला गया
 अलीपुरद्वार रेल मंडल के अंतर्गत उत्तर बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश और ट्रैक पर पानी बहने के कारण पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (एनएफआर) ने कई ट्रेनों को डायवर्ट (मार्ग परिवर्तन), रद्द और आंशिक रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर सीमा रेलवे, कपिंजल किशोर शर्मा ने इसकी जानकारी दी। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति अवश्य जांच लें।
 
मार्ग परिवर्तन की गई ट्रेनें
 ट्रेन संख्या 15483 अलीपुरद्वार जं.–दिल्ली एक्सप्रेस (5 अक्तूबर की यात्रा)
 ट्रेन संख्या 19306 कामाख्या–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस (5 अक्तूबर की यात्रा)
 ट्रेन संख्या 00234 सैरांग–खगड़िया स्पेशल (4 अक्तूबर की यात्रा)
 ट्रेन संख्या 15934 अमृतसर–न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस (3 अक्तूबर की यात्रा)
 ट्रेन संख्या 15622 आनंद विहार टर्मिनल–कामाख्या एक्सप्रेस (3 अक्तूबर की यात्रा)
 ट्रेन संख्या 15484 दिल्ली–अलीपुरद्वार जं. एक्सप्रेस (4 अक्तूबर की यात्रा)
  ट्रेन संख्या 13150 अलीपुरद्वार जं.–सिलीगुड़ी जं. एक्सप्रेस (5 अक्तूबर की यात्रा)
  ट्रेन संख्या 12506 आनंद विहार टर्मिनल–कामाख्या एक्सप्रेस (4 अक्तूबर की यात्रा)
 ट्रेन संख्या 13149 सियालदह–अलीपुरद्वार जं. (कांचनकन्या एक्सप्रेस) (4 अक्तूबर की यात्रा)
 
रद्द की गई ट्रेनें
-ट्रेन संख्या 15777/15778 न्यू जलपाईगुड़ी–अलीपुरद्वार जं.–न्यू जलपाईगुड़ी टूरिस्ट स्पेशल
-ट्रेन संख्या 75742 धुबरी–सिलीगुड़ी जं. डीईएमयू
-ट्रेन संख्या 15467 सिलीगुड़ी जं.–बामनहाट एक्सप्रेस
-ट्रेन संख्या 75725 सिलीगुड़ी जं.–न्यू बोंगाईगांव डीईएमयू
 
आंशिक रूप से रद्द ट्रेनें
-ट्रेन संख्या 15768 अलीपुरद्वार जं.–सिलीगुड़ी जं. इंटरसिटी एक्सप्रेस (5 अक्तूबर)
-बिन्नागुड़ी तक चलेगी, बिन्नागुड़ी से सिलीगुड़ी जं. के बीच रद्द।
-ट्रेन संख्या 75741 सिलीगुड़ी जं.–धुबरी डीईएमयू (5 अक्तूबर), गुलमा तक
चलेगी, गुलमा से धुबरी तक रद्द।
-ट्रेन संख्या 75726 न्यू बोंगाईगांव–सिलीगुड़ी जं. डीईएमयू (5 अक्तूबर)
-न्यू कूचबिहार तक चलेगी, न्यू कूचबिहार से सिलीगुड़ी जं. के बीच रद्द।
 
कई ट्रेनों के रूट में बदलाव, कुछ ट्रेनें बथनाहा तक सीमित रहेंगी
-ट्रेन संख्या 13212 दानापुर–जोगबनी एक्सप्रेस को बथनाहा स्टेशन पर समाप्त किया जाएगा।
-ट्रेन संख्या 13213 जोगबनी–सहरसा जं. एक्सप्रेस की यात्रा अब बथनाहा स्टेशन से शुरू होगी।
-ट्रेन संख्या 75755 कटिहार–जोगबनी डीएमयू को बथनाहा तक ही चलाया जाएगा।
-ट्रेन संख्या 75756 जोगबनी–कटिहार डीएमयू अब बथनाहा से शुरू होगी।
-ट्रेन संख्या 12487 जोगबनी–आनंद विहार टर्मिनल सुपरफास्ट एक्सप्रेस अब फोर्ब्सगंज स्टेशन से चलेगी।
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राज्यपाल बोस ने बीच छोड़ा दक्षिणी राज्यों का निजी दौरा, भूस्खलन प्रभावित दार्जिलिंग पहुंचे
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने सोमवार को तमिलनाडु और केरल का अपना निजी दौरा बीच में ही छोड़ दिया और भूस्खलन प्रभावित दार्जिलिंग पहुंच गए हैं। मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल बोस बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे और प्रभावित लोगों से बात करेंगे। राजभवन के एक अधिकारी ने बताया, 'राज्यपाल बोस आज सुबह तिरुपति से वापस आ गए हैं और दार्जिलिंग जा रहे हैं। वह मिरिक में भूस्खलन प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और बचाव एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी करेंगे।' उन्होंने बताया कि राज्यपाल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के साथ भी समन्वय कर रहे हैं और दार्जिलिंग की स्थिति के बारे में नियमित रूप से अपडेट ले रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल बोस शाम को सक्षम अधिकारियों को वशिष्ट सिफारिशों के साथ एक रिपोर्ट भी सौंपेंगे।

दार्जिलिंग जिले में हुए विनाशकारी भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। आपदा प्रबंधन कर्मियों ने सोमवार को भी बचाव अभियान जारी रखा है। कई लोग अभी भी लापता हैं और हजारों पर्यटक कटे हुए पहाड़ी इलाकों में फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मात्र 12 घंटों में 300 मिमी से अधिक बारिश के कारण हुए भूस्खलन ने दार्जिलिंग की पहाड़ियों और तलहटी में स्थित दुआर्स क्षेत्र को तबाह कर दिया है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में दार्जिलिंग के मिरिक, सुखियापोखरी और जोरेबंगलो और जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा शामिल हैं।
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