मानसून की भारी बारिश से महाराष्ट्र के नासिक जिले में नदी-नाले उफान पर हैं। शनिवार और रविवार को नासिक में 160 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण त्र्यंबकेश्वर के अंजनेरी और ब्रह्मागिरी की पहाड़ियों से अचानक 22 से ज्यादा झरने एक साथ गिरने लगे। इस नजारे को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
बारिश के कारण अहिल्या बांध और गंगासागर झील भी पानी से लबालब हो गए हैं। लेकिन शहरी क्षेत्र में निकासी की व्यवस्था ठीक न होने से सड़कों पर जगह-जगह पानी लग गया। इस कारण यातायात भी प्रभावित रहा।
भारी बारिश के कारण गोदावरी, नासर्डी-नंदिनी और गोमती नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है। जिसके बाद से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी मडराने लगा है। हालांकि बारिश होने से लोगों को सूखे और गर्मी से राहत मिली है।
इसलिए प्रसिद्ध है त्र्यंम्बकेश्वर
भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग में से एक त्र्यंम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित है। मान्यता के अनुसार यहां काल सर्प निवारण और पितरों को मोक्ष की मनोकामना लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने आते हैं। त्र्यंम्बकेश्वर मंदिर का निर्माण पेशवा शासकों ने काले पत्थरों से करवाया था। दक्षिण की गंगा कही जाने वाली गोदावरी नदी का उदगम स्थल भी यहीं है।