दक्षिण छत्तीसगढ़ से मध्य महाराष्ट्र और इससे सटे इलाकों पर चक्रवाती प्रसार हवाओं के एक ट्रफ के रूप में बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-दक्षिण में हवाओं का ट्रफ मध्य महाराष्ट्र से निचले स्तरों से होते हुए कोमोरिन क्षेत्र तक चक्रवाती प्रसार के रूप में जारी है। इसके कारण निचले स्तरों पर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवाएं आपस में टकरा रही हैं। इन्हीं मौसमी गतिविधियों के कारण छत्तीसगढ़, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ वज्रपात और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। इसी तरह दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में गरज के साथ भारी बारिश व बिजली गिरने की आशंका है।
मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ ओले पड़ने की संभावना है। इसके कारण इन प्रदेशों में पककर खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका है। वहीं, ओडिशा, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों, गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बौछारों की आशंका जताई गई है।
उत्तर भारत में दो से तीन डिग्री तक चढ़ेगा पारा
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में पारा लगातार चढ़ता जा रहा है और इस वजह से गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। दिल्ली एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत में मौसम के बदले मिजाज की वजह से दिन के तापमान में इजाफा हो रहा है। आने वाले दो-तीन दिनों के दौरान पारा और ऊंचाइयों पर जा सकता है और तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस से ज्यादा की वृद्धि हो सकती है। तापमान में अगर इसी तरह वृद्धि होती रही तो उत्तर भारत के ज्यादातर क्षेत्रों में अगले चार से पांच दिनों में पारा 40 डिग्री पार कर सकता है।
उत्तराखंड में नए पश्चिमी विक्षोभ से थोड़ी राहत
उत्तराखंड में भी गर्मी सितम ढाने लगी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक गर्मी से तप रहे हैं। राज्य के अधिकतर इलाकों में पारा लगातार चढ़ रहा है। तापमान ऐसे ही बढ़ता रहा तो अप्रैल के महीने में इस बार भीषण गर्मी और लू से लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग ने तीन अप्रैल से नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम में बदलाव का पूर्वानुमान जताया है जिसकी वजह से इन हिस्सों में गर्मी से थोड़ी-बहुत निजात मिल सकती है।
उत्तर-पश्चिम में पारा पांच डिग्री तक लगा सकता है छलांग
अगले छह दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में धीरे-धीरे अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक छलांग लगा सकता है, जबकि अगले दो दिनों के दौरान मध्य भारत और महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट और उसके बाद के चार दिनों के दौरान दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
राजस्थान में 5 से चलेगी लू
पांच से सात अप्रैल के दौरान पश्चिमी राजस्थान में गर्म हवाओं के साथ लू चलने की संभावना है। इसी तरह तीन और चार अप्रैल को पूर्वोत्तर के अधिकतर इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान करता रहेगा। गुजरात में भी गर्म और उमस मौसम से राहत मिलने के आसार नहीं है।
सौराष्ट्र और कच्छ में लगातार लू चल रही है। आने वाले तीन-चार दिनों को दौरान यहां के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति और बिगड़ने की संभावना है। एक अप्रैल को सौराष्ट्र और कच्छ के सुरेंद्रनगर में अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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भारी बारिश से भारत को चीन और म्यांमार सीमाओं से जोड़ने वाला एनएच-113 कटा
अरुणाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश के चलते अंजॉ जिले में भारत-चीन और भारत-म्यांमार सीमाओं को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-113 पूरी तरह से कट गया है। सड़क का काफी सारा हिस्सा नदी में समा गया है। इस कारण क्षेत्र में संपर्क बाधित हो गया है। जिला प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने, रात में यात्रा करने से बचने का आग्रह किया है। महिला एवं बाल विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और अनुसंधान मंत्री दासंगलु पुल इस मामले की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि राजमार्ग को बहाल करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने निवासियों से परेशान न होने की अपील की और कहा कि वह मरम्मत में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन और एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम) दोनों के साथ लगातार संपर्क में हैं।