बॉम्बे हाईकोर्ट ने 13 हजार करोड़ रुपये के पीएनबी बैंक घोटाले में भगोड़ा घोषित हीरा व्यापारी नीरव मोदी के घर से ईडी द्वारा जब्त पेंटिंग्स की नीलामी पर रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया। इनकी नीलामी शुक्रवार को होनी है।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बीपी धर्माधिकारी और जस्टिस एनआर बोरकर की पीठ नीरव के बेटे रोहिन मोदी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दावा किया गया कि यह पेंटिंग रोहिन ट्रस्ट की हैं। नीरव का ट्रस्ट पर स्वामित्व नहीं है।
रोहिन के वकील अमित देसाई ने कहा कि पेंटिंग्स को अपराध की आय के रूप में नहीं देखा जा सकता और उनके मुवक्किल एक भी मामले में आरोपी नहीं हैं। ऐसे में नीलामी रोकी जाए। इस पर ईडी के वकील अनिल सिंह और हितेन वेनगांवकर ने कहा कि नीरव, उनकी पत्नी और बेटा रोहिन ट्रस्ट के लाभार्थी हैं। ईडी ने पेंटिंग्स को पिछले वर्ष मार्च में जब्त किया था और नीलामी का विज्ञापन जनवरी 2020 में जारी किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीठ इस नतीजे पर पहुंची कि रोहिन ने अंतिम समय में कोर्ट का रुख किया। रोहिन ट्रस्ट या इसके लाभार्थी नीरव और उनकी पत्नी ने कोई याचिका नहीं दी। ऐसे में देर से दाखिल की गई याचिका का उद्देश्य सिद्ध नहीं होता।
ऐसे इस लिए कोर्ट इस मामले में अंतरिम आदेश जारी नहीं कर सकता। पीठ ने ईडी को याचिका के जवाब में 23 मार्च तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने ईडी को नीलामी की रकम अलग बैंक खाते में जमा करने और अगले आदेश तक इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया।
15 पेंटिंग और हीरे की घड़ियों की है नीलामी
ईडी ने नीरव मोदी के घर से 15 पेंटिंग के अलावा कई हीरों की घड़ियां, कीमती हैंडबैग, रॉल्स रॉयस घोस्ट और पोर्श जैसी लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की हैं। इनकी नीलामी होनी है।