फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अध्ययन: सरकारी से 3 गुना महंगी हैं निजी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं, IIT जोधपुर के शोध में निकला निष्कर्ष

Wed, 09 Nov 2022 05:51 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

आईआईटी जोधपुर के प्रोफेसर डॉ. आलोक रंजन ने कहा, भारत में निजी अस्पतालों की तुलना में सरकारी अस्पतालों में मरीज का इलाज काफी किफायती है। इस क्षेत्र में किया गया यह पहला अध्ययन है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकारी अस्पतालों में भर्ती किसी मरीज के इलाज पर प्रतिदिन औसतन खर्च 2,833 रुपये है, जबकि निजी अस्पतालों में यही खर्च 6,788 रुपये बैठता है। यह निष्कर्ष आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ताओं के तुलनात्मक अध्ययन में निकला है।

विज्ञापन


यह अध्ययन राज्य स्वास्थ्य केंद्र के सहयोग से छत्तीसगढ़ के सरकारी और निजी अस्पतालों को आधार बनाकर राज्य के 64 अस्पतालों में किया गया है। इसमें सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के परिवार पर आने वाले खर्च पर तुलनात्मक अध्ययन किया है। यह अध्ययन हेल्थ इकोनॉमिक्स रिव्यू जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

सरकारी अस्पतालों में इजाज काफी किफायती
आईआईटी जोधपुर के प्रोफेसर डॉ. आलोक रंजन ने कहा, भारत में निजी अस्पतालों की तुलना में सरकारी अस्पतालों में मरीज का इलाज काफी किफायती है। इस क्षेत्र में किया गया यह पहला अध्ययन है। शोध में आईआईटी जोधपुर के तहत स्कूल ऑफ लिबरल ऑ्टर्स के सहायक प्रोफेसर डॉ. आलोक रंजन, छत्तीसगढ़ राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र (एसएचआरसी) के कार्यकारी निदेशक डॉ. समीर गर्ग, एसएचआरसी के वरिष्ठ कार्यक्रम समन्वयक नारायण त्रिपाठी और एसएचआरसी के प्रोग्राम एसोसिएट कीर्ति कुमार शामिल है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें