मेडिकल कॉलेज के मामले में कर्नाटक देश में पहले स्थान पर है, जबकि दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र काबिज है। वहीं, डॉक्टरों की तैनाती के हिसाब से देखें तो महाराष्ट्र पहले स्थान पर है, जबकि कर्नाटक देश में तीसरे स्थान पर है। एक रिपोर्ट के अनुसार देश में 460 मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें से 45 फीसदी सरकारी क्षेत्र में और 55 फीसदी निजी क्षेत्र में हैं।
बजट 2019-20 में स्वास्थ्य के लिए इतना बजट हुआ आवंटित
केंद्र सरकार के अंतरिम बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 61,398 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की गई। इसमें 6400 करोड़ रुपये आयुष्मान योजना के लिए आवंटित हैं।
एमबीबीएस की सीटों के वितरण में भी अनियमितता
आबादी के हिसाब से एमबीबीएस की सीटों के वितरण में भी भारी अनियमितता दिखाई देती है। देश की 31 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले देश के 6 राज्यों को एमबीबीएस की 58 फीसदी सीटें दे दी गई हैं।
स्वास्थ्य मानकों के हिसाब से कई गरीब देशों से भी पीछे
स्वास्थ्य मानकों के हिसाब से भारत कई गरीब देशों से भी पीछे है। इसका बड़ा कारण स्वास्थ्य पर सरकार द्वारा किया जाने वाला कम खर्च है। ब्रिक्स में शामिल देशों में भी स्वास्थ्य के मामलों में हम सबसे निचले पायदान पर हैं।
देश में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के 57 फीसदी एलोपैथिक डॉक्टरों के पास मेडिकल योग्यता नहीं है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के एक सर्वे के अनुसार ग्रामीण इलाकों में इलाज कर रहे हर पांच डॉक्टर में से एक ही प्रशिक्षित है।