पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के मौजूदा सब्सक्राइबर्स के लिए 'स्वास्थ्य पेंशन स्कीम' प्रारंभ की है। खास बात है कि सब्सक्राइबर्स के अलावा, कोई भी भारतीय नागरिक अपनी मर्जी से 'स्वास्थ्य पेंशन स्कीम' के साथ जुड़ सकते हैं। इस योजना से उन लोगों को फायदा होगा, जो अपनी सेवानिवृत्ति की बचत के साथ-साथ, मेडिकल खर्च के लिए एक सुरक्षित फंड बनाना चाहते हैं। इस योजना के जरिए, एनपीएस सब्सक्राइबर्स को अस्पताल में भर्ती होने और बिना भर्ती हुए इलाज पर जो राशि खर्च होती है, उसकी भरपाई हो सकेगी। पीएफआरडीए ने 'स्वास्थ्य पेंशन स्कीम' में पैसे जमा करने और निकलवाने के नियमों को सरल बनाया है। इसका मकसद, बीमारी के दौरान, सब्सक्राइबर्स को पैसे के लिए चक्कर न काटने पड़ें। पीएफआरडीए द्वारा इस बाबत गत सप्ताह ही सर्कुलर जारी किया गया है।
प्रारंभ में इस योजना को एक छोटे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विशेष सैंडबॉक्स सिस्टम में टेस्ट किया जा रहा है। इस योजना में लोगों का मेडिकल खर्च, 'नेशनल पेंशन सिस्टम' से जुड़ जाता है। इसमें लोगों को दोहरा फायदा मिलता है। एक, वे इसके जरिए पैसा बचा सकते हैं। दूसरा, बीमारी के दौरान लोगों के लिए इस राशि से अस्पताल के बिलों का भुगतान करना भी आसान हो जाएगा। पीएफआरडीए के मुताबिक, इस योजना का उद्देश्य भारतीय नागरिकों के लिए स्वास्थ्य देखभाल को आसान, सुरक्षित व पारदर्शी बनाना है। एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना को, एनपीएस के अंतर्गत एक विशिष्ट क्षेत्र योजना के रूप में शुरू किया जाएगा। इसका मकसद उद्देश्य बहु-योजना ढांचा (एमएसएफ) के तहत बाह्य रोगी और आंतरिक रोगी के चिकित्सा खर्चों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना अंशदायी पेंशन योजना होगी, जो पीएफआरडीए अधिनियम की धारा 12(1)(क) और धारा 20 के प्रावधानों द्वारा शासित होगी। इसे भारत के नागरिकों को स्वैच्छिक आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
यह योजना पेंशन निधियों (पीएफ) द्वारा प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति के अधीन, केवल एक अवधारणा प्रमाण (प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट) के रूप में, सीमित अवधि के लिए शुरू की जाएगी। ये स्कीम, नियामक सैंडबॉक्स ढांचे के तहत एक नियंत्रित वातावरण में संचालित होगी। पीएफएस इस तरह के पीओसी को पूरा करने के लिए फिनटेक और अन्य ऐसी संस्थाओं के साथ भी सहयोग कर सकते हैं। इस पीओसी के प्रयोजन के लिए, पीएफआरडीए (एनपीएस के तहत निकास और निकासी) विनियम, 2015 के प्रावधानों को नियामक सैंडबॉक्स ढांचे के तहत आसान बनाया गया है। एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना कुछ शर्तों के अनुसार संचालित होगी।
यह योजना प्रारंभ में पीएफ द्वारा सीआरए और एचबीए/टीपीए के सहयोग से एक सीमित अवधि और सीमित संख्या में ग्राहक पंजीकरण के साथ अवधारणा के प्रमाण के रूप में शुरू की जाएगी। अवधारणा प्रमाण अवधि पूरी होने पर, यदि योजना की व्यवहार्यता/संभाव्यता स्थापित नहीं हो पाती है, तो अवधारणा प्रमाण अवधि के दौरान नामांकित ग्राहकों को एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना खाते से सामान्य योजना खाते में अपनी संचित राशि स्थानांतरित करने और उसके बाद पीएफआरडीए (एनपीएस के तहत निकासी और निकास) विनियम, 2015 के अनुसार योजना से बाहर निकलने का विकल्प दिया जाएगा।
पात्रता:
भारत का कोई भी नागरिक, एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना में शामिल होने के लिए पात्र है। यदि पहले से कोई साझा खाता (कॉमन स्कीम अकाउंट) नहीं है, तो एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना खाते के साथ एक साझा खाता (कॉमन स्कीम अकाउंट) खोलना अनिवार्य होगा।
शुल्क और प्रभार:
योजना के अंतर्गत लागू शुल्क और प्रभार, एमएसएफ द्वारा निर्धारित होंगे। इन्हें पारदर्शी तरीकों से सार्वजनिक किया जाएगा। इन प्रभारों में एचबीए को देय प्रभार भी शामिल होंगे।
योगदान:
अभिदाताओं को एनपीएस के अंतर्गत गैर-सरकारी क्षेत्र पर लागू मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना में किसी भी राशि का अंशदान करने की अनुमति होगी।
अंशदान का निवेश:
योजना के अंतर्गत, अंशदान पेंशन निधियों द्वारा
एमएसएफ के तहत निर्धारित निवेश दिशानिर्देशों के अनुसार निवेश किया जाएगा।
साझा योजना खाते से अंशदान का हस्तांतरण:
40 वर्ष से अधिक आयु के ग्राहक (सरकारी क्षेत्र और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के ग्राहकों को छोड़कर) अपने स्वयं के और/या कर्मचारी अंशदान का 30% तक सामान्य योजना खाते से एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना खाते में स्थानांतरित कर सकते हैं।
चिकित्सा व्यय के लिए आंशिक निकासी:
ग्राहक, बाह्य रोगी या अस्पताल में भर्ती होने वाले चिकित्सा व्ययों को पूरा करने के लिए अपने एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना खाते से आंशिक निकासी कर सकते हैं। किसी भी परिस्थिति में, पीएफआरडीए अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुसार, स्कीम में किए गए अभिदाता के अपने अंशदान का
25 प्रतिशत तक की निकासी की अनुमति होगी। आंशिक निकासी की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा और कोई न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि लागू नहीं होगी। बशर्ते कि पहली आंशिक निकासी, केवल योजना के तहत ₹50,000 के न्यूनतम कोष के संचय होने के बाद ही अनुमति दी जाएगी।
गंभीर चिकित्सा उपचार के लिए:
यदि किसी रोगी का अस्पताल में भर्ती होने पर चिकित्सा व्यय, ग्राहक के एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना खाते में उपलब्ध कुल राशि के 70% से अधिक हो जाता है, तो ग्राहक को अपनी कुल राशि की परवाह किए बिना, केवल चिकित्सा व्यय की पूर्ति के लिए 100% राशि के साथ समय से पहले निकासी करने की अनुमति दी जाएगी।
दावों का निपटान:
निकाली गई राशि, वैध दावों और सहायक बिलों के आधार पर, संबंधित एचबीए/टीपीए को सीधे भेजी जाएगी। चिकित्सा व्यय के निपटान के बाद बची हुई कोई भी अतिरिक्त राशि, ग्राहक के सामान्य योजना खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी।
अन्य मामलों में निकासी:
अन्य सभी मामलों में, एनपीएस के तहत सभी नागरिकों पर लागू निकासी प्रावधान, जिनमें सामान्य और समय से पहले निकासी शामिल है, एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना खाते से सामान्य योजना खाते में संचित राशि के हस्तांतरण पर लागू होंगे।
शिकायत निवारण तंत्र:
ग्राहक सेवा प्रदाता (पीएफ), एचबीए/टीपीए के सहयोग से, ग्राहकों की शिकायतों के समय पर और प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करने के लिए एक सुदृढ़ शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करेंगे। शिकायत निवारण की जिम्मेदारी पीएफ की होगी। ग्राहक सेवा प्रदाता (सीआरए) कुशल सेवा और शिकायत निवारण को सुगम बनाने के लिए आवश्यक ग्राहक-स्तरीय जानकारी प्रदान करेंगे।
डेटा साझाकरण और सहमति:
दावा प्रक्रिया के लिए आवश्यक ग्राहक-स्तरीय डेटा, लागू होने के अनुसार, एचबीए/टीपीए या अस्पताल के साथ साझा किया जाएगा। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 और उसके अंतर्गत निर्मित नियमों के अनुपालन में, एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना को सक्रिय करते समय पीएफ या सीआरए द्वारा ग्राहक से स्पष्ट डिजिटल सहमति प्राप्त की जाएगी।