फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंगदान अभियान के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय तैयार

Mon, 08 Aug 2016 11:25 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala - file
विज्ञापन
अंगदान के प्रति लोगों का जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय अब धार्मिक और आध्यात्मिक गुरुओं की मदद लेने की योजना बना रहा है। इनमें आर्ट ऑफ लिविंग के श्रीश्री रविशंकर से लेकर योग गुरु स्वामी रामदेव का नाम भी शामिल है। 
विज्ञापन


स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बारे में आध्यात्मिक गुरुओं के साथ दो चरणों की बैठक की है। मंत्रालय अंगदान को लेकर विस्तृत प्रचार अभियान पर काम कर रहा है। माना जा रहा है कि इसे जल्द ही लॉन्च किया जाएगा। 

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक बहुत सारे सर्वेक्षण और अध्ययन में यह सामने आया है कि अंगदान को लेकर लोगों में कई सारे मिथ हैं। जैसे कि अंगदान करने से अगले जन्म में परेशानी होती है। एक सर्वे के मुताबिक शहरी इलाकों के 30 प्रतिशत लोग मानते हैं कि अंग दान करने वालों को जीवन रक्षक इलाज नहीं मिलता, जबकि करीब 20 फीसद का मानना है कि उनके शरीर की चीर फाड़ की जाएगी। 
विज्ञापन

दूसरे धर्मों के नेताओं को भी जोड़ेगा मंत्रालय

विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक विश्वासों के चलते लोग अंगदान करने से बचते हैं। हालांकि हिंदू, इस्लाम, ईसाइयत, सिख और बौद्ध धर्म अंगदान का समर्थन करते हैं। इन धर्मों के मुताबिक अंगदान करना दूसरों के प्रति प्यार और मानवता दर्शाने का सबसे नायाब जरिया है। 

अधिकारियों के मुताबिक मंत्रालय अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए दूसरे धर्मों के नेताओं को भी शामिल करने की कोशिश कर रहा है। धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं का जनता के एक बड़े हिस्से पर अच्छा खासा प्रभाव है। अभियान में इनको शामिल करके एक बड़े जनसमुदाय के बीच जागरूकता जगाई जा सकती है। 
विज्ञापन

50 लोगों की जान बचा सकता है एक ऑर्गन डोनर

- फोटो : PTI
अनुमान के मुताबिक भारत में हर साल 95 लाख लोग मरते हैं। इनमें से एक लाख लोग अंगदान करने लायक होते हैं। इन सबके बावजूद देश में हर दिन 300 लोगों की मौत अंगों के काम न करने की वजह से होती है। इससे समझा जा सकता है कि भारत में हर साल एक लाख से ज्यादा लोग अंगों के काम न करने की वजह से मरते हैं। 

डॉक्टरों का कहना है कि मौत के बाद अंगदान करके एक व्यक्ति 50 लोगों की जान बचा सकता है या उसे बेहतर कर सकता है। हालांकि भ्रम और मिथ की वजह से लोग अंगदान नहीं करते। अधिकारियों का कहना है कि लोगों के बीच बनी भ्रम की स्थिति को दूर कर अंगदान को प्रोत्साहित करना होगा। 

धार्मिक गुरुओं के अलावा सरकार लोकप्रिय और जाने माने डॉक्टरों के साथ सेलेब्रिटी को भी प्रचार अभियान में शामिल कर सकती है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें