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बच्चों में कोरोना: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- व्यवस्थित और व्यापक तरीके से कर रहे हैं काम

Tue, 01 Jun 2021 05:07 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि बच्चों में कोरोना के लक्षण आमतौर पर स्पर्शोन्मुख है। उन्हें अक्सर संक्रमण हो जाता है लेकिन उनके लक्षण न्यूनतम या शून्य होते हैं। बच्चों में संक्रमण ने गंभीर रूप नहीं लिया है।
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बच्चों में कोरोना(सांकेतिक) - फोटो : i stock
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विस्तार
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देश में कोरोना संकट से निपटने के लिए सरकारें अपने-अपने स्तर से लगातार प्रयास कर रही हैं। वहीं इस दौरान नीति आयोग से लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय तक लोगों को वायरस के बदलते स्वरूप और संक्रमण के बारे में लगातार जानकारी दे रहा है। इसी क्रम में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने मंगलवार को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों में होने वाले संक्रमण पर हमारी नजर बनी हुई है और हम इसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि बच्चों में कोरोना के लक्षण आमतौर पर स्पर्शोन्मुख है। उन्हें अक्सर संक्रमण हो जाता है लेकिन उनके लक्षण न्यूनतम या शून्य होते हैं। बच्चों में संक्रमण ने गंभीर रूप नहीं लिया है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि हम इसे हल्के में ले लें। हमें इसपर नजर बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वायरस कभी भी अपना स्वरूप और प्रवृति बदल ले रहा है जिससे बच्चों में भी खतरा बरकरार है और कभी भी बच्चों में इसका प्रभाव बढ़ सकता है, इसलिए हम अपने स्तर से तैयारी में लगे हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों में कोरोना के लक्षण दो तरह से पाए गए हैं- सबसे पहले उनमें निमोनिया जैसे लक्षण सामने आए हैं। दूसरे में, कोरोना से उबरने वाले बच्चों में मल्टी इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम के कुछ मामले पाए गए हैं। आंकड़ों से पता चला है कि कम संख्या में बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है लेकिन फिर भी हमें सचेत रहने की जरूरत है।
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कोविड 19 वैक्सीन के मिश्रण पर अभी कुछ नहीं कह सकते : डॉ. वीके पॉल
कोविड वैक्सीन के मिश्रण पर जवाब देते हुए डॉक्टर वीके पॉल ने कहा कि अभी इसपर कोई प्रोटोकॉल नहीं है। वर्तमान में दोनों खुराकों के लिए एक ही प्रकार के टीके दिए जाने हैं। हमें सरकार के एसओपी पर ध्यान देने की जरूरत है। पॉल ने कहा कि टीकों के मिश्रण पर अंतरराष्ट्रीय शोध चल रहा है क्योंकि सकारात्मक प्रभाव की संभावना भी प्रशंसनीय है लेकिन हानिकारक प्रतिक्रिया से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। यह एक अनसुलझा वैज्ञानिक प्रश्न है और विज्ञान ही इसे सुलझाएगा। 

अगली स्लाइड में जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय की आज की महत्वपूर्ण जानकारी...

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29 राज्यों में पांच हजार से कम मामले : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में 29 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश ऐसे हैं जहां प्रतिदिन 5000 से कम मामले दर्ज किए जा रहे हैं। 28 अप्रैल से 4 मई के बीच देश में 531 ऐसे जिले थे जहां प्रतिदिन 100 से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे थे। ऐसे ज़िले अब 295 रह गए हैं। 

देश में सक्रिय मामलों में 50 फीसदी की कमी : स्वास्थ्य मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में सक्रिय मामलों में 50 फीसदी की कमी आई है। वहीं बीते 24 घंटे में सक्रिय मामलों में 1.3 लाख की कमी आई है। उन्होंने कहा कि 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एक सप्ताह से लगातार मामले घट रहे हैं, जो कि एक अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि तीन मई को देश में 17.13 फीसदी सक्रिय मामले थे अब वह सिर्फ 6.73 फीसदी रह गए हैं।  

20 लाख टेस्ट रोज : स्वास्थ्य मंत्रालय
लव अग्रवाल ने कहा कि 16-22 फरवरी के बीच प्रतिदिन देश में 7.7 लाख टेस्ट प्रतिदिन किए जा रहे थे। अब हम लगभग 20 लाख टेस्ट प्रतिदिन कर रहे हैं। अब तक हम देश में कुल 34.67 करोड़ टेस्ट कर चुके हैं। 

अब तक देश में 21.6 करोड़ डोज : स्वास्थ्य मंत्रालय
लव अग्रवाल ने कहा कि अब तक देश में 21.6 करोड़ वैक्सीन डोज दी जा चुकी हैं। 45 वर्ष से ज्यादा आयु वर्ग में 15.48 करोड़ डोज, हेल्थकेयर को 1.67 करोड़ डोज और फ्रंटलाइन वर्कर्स को 2.42 करोड़ डोज, 18-44 आयु वर्ग को 2.03 करोड़ डोज दी जा चुकी हैं।
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