केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इबोला वायरस रोग (ईवीडी) की तैयारियों और प्रतिक्रिया उपायों की समीक्षा की। यह समीक्षा अफ्रीका के कुछ हिस्सों में हाल ही में सामने आए प्रकोपों के मद्देनजर की गई है। भारत में इबोला का कोई भी मामला अब तक दर्ज नहीं किया गया है।
संभावित खतरे से निपटने के लिए कैसी हैं तैयारियां?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किया है। अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) ने भी इसे महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईसीएस) बताया है। नड्डा ने अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान देश में किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए।
भारत में मामला नहीं: नड्डा
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को एक समीक्षा बैठक के दौरान देश की तैयारियों और निगरानी उपायों का जायजा लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब तक भारत में एबोला का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चौकसी की तैयारी
केंद्र सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक प्रतिक्रिया उपायों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता बढ़ाने और निगरानी को तेज करने के लिए भी चर्चा हुई। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश इबोला के लिए पूरी तरह तैयार रहे।
बैठक में कौन अधिकारी शामिल हुए?
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव उपस्थित थे। आईसीएमआर के महानिदेशक और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) भी मौजूद रहे। अतिरिक्त सचिव (जन स्वास्थ्य) और एनसीडीसी के निदेशक ने भी इसमें भाग लिया। मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल हुए।
इबोला का खतरा: विमान में यात्रियों के लिए होंगी घोषणाएं, डीजीसीए ने एयरलाइंस के लिए जारी किया दिशा-निर्देश
अफ्रीका के कुछ हिस्सों में फैले इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइंस के लिए एक सख्त दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत युगांडा और कांगो से सीधे या कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिये आने वाले यात्रियों के लिए स्व-घोषणा प्रपत्र भरना अनिवार्य कर दिया गया है।
डीजीसीए ने एअर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर समेत कई प्रमुख एयरलाइंस को विमान के भीतर ही यात्रियों के लिए घोषणाएं करने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों को निर्देश दिया गया है कि उन्हें बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी या ब्लीडिंग जैसे लक्षण महसूस हों तो वे तुरंत क्रू मेंबर्स या आगमन पर मेडिकल यूनिट को सूचित करें। संदिग्ध मरीजों के लिए विमान में पीछे की सीटें आरक्षित रखने और पर्याप्त पीपीई किट व मास्क का स्टॉक रखने को कहा गया है।