विदेश से आने वाली दवाओं, मेडिकल उपकरणों और कॉस्मेटिक उत्पादों को देश में लाने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इनके आयात के लिए 10 नए प्रवेश केंद्रों को अधिकृत सूची में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। इनमें हरियाणा के सोनीपत, पियाला और हरसारू के साथ उत्तर प्रदेश का दादरी और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल हैं।
इससे कंपनियों को आयात की खेप की मंजूरी अपने कारखानों, गोदामों और वितरण केंद्रों के नजदीक मिल सकेगी। इससे सामान को दूर के बंदरगाहों या हवाई अड्डों से मंगाने की जरूरत घटेगी और परिवहन खर्च के साथ देरी भी कम होगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने औषधि नियमावली, 1945 के नियम 43ए में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। यह नियम तय करता है कि किन बंदरगाहों, हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, सड़क मार्गों और अन्य स्थानों से दवाओं का आयात किया जा सकता है। प्रस्ताव के तहत आठ अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी), एक विशेष आर्थिक क्षेत्र और एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को इस सूची में शामिल किया जाएगा।
हरियाणा और यूपी समेत कई राज्यों को फायदा
प्रस्तावित सूची में हरियाणा के सोनीपत, पियाला और हरसारू स्थित अंतर्देशीय कंटेनर डिपो शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के दादरी स्थित कंटेनर डिपो और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी जगह देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा गुजरात के गांधीधाम/मुंद्रा, तेलंगाना के हैदराबाद स्थित सनथ नगर और थिम्मापुर तथा कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित व्हाइटफील्ड के कंटेनर डिपो को शामिल किया जाएगा।
पुराने ऑर्डर पर फर्नीचर आयात के नियमों में छूट
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 12 अगस्त 2026 तक दिए गए खरीद ऑर्डर पर फर्नीचर आयातकों को गुणवत्ता नियंत्रण नियमों से छूट दी है। यह राहत चीन समेत सभी देशों से होने वाले पात्र आयात पर मिलेगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की दो नवंबर की अधिसूचना के मुताबिक, इसके लिए बिल ऑफ लैडिंग 30 नवंबर और बिल ऑफ एंट्री 31 दिसंबर, 2026 तक जारी होना जरूरी है। आयातकों को खेप क्लीयर होने के सात दिन के भीतर खरीद ऑर्डर और अन्य जरूरी दस्तावेज भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) को देने होंगे।
यह छूट केवल निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली खेपों पर लागू होगी। 12 अगस्त के बाद दिए गए नए खरीद ऑर्डर इसके दायरे में नहीं आएंगे। दस्तावेज आयातक के लेटरहेड पर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर से प्रमाणित होने चाहिए।