भारत में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस की। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने जिलाधिकारियों, नगर निगमों और पुलिस को महामारी रोग अधिनियम के तहत एक आदेश जारी किया है, जिसमें उन जमीनों के मामले देखे जा रहे हैं जिनमें मकान मालिक, डॉक्टर और नर्सों को अपनी संपत्ति खाली करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
लॉकडाउन का पालन न होने से बढ़ रही मरीजों की संख्या
स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के 227 नए मामलों की पुष्टि होने और तीन मरीजों की मौत होने की जानकारी देते हुए मंगलवार को बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित करने में जनता का कुछ इलाकों में पर्याप्त सहयोग नहीं होने, संदिग्ध मामलों की जानकारी अधिकारियों को समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण संक्रमण के खतरे वाले इलाके (हॉटस्पॉट) बढ़ रहे हैं।
निजामुद्दीन मामले पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, यह गलती खोजने का समय नहीं
निजामुद्दीन मामले पर लव अग्रवाल ने कहा कि हम सभी को समझने और सराहना करने की आवश्यकता है कि यह गलती खोजने का समय नहीं है। हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम जिन क्षेत्रों में कोई मामला पाते हैं, उसमें हमारी नियंत्रण प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाए।
हर किसी को मास्क पहनने की जरूरत नहीं
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हर किसी को मास्क पहनने की जरूरत नहीं है। कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंस) का पालन करना अधिक महत्वपूर्ण है। घर पर बनाए जा रहे मास्कों की तकनीकी रूप से जांच की जा रही है। जल्द ही उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि विदेश मंत्रालय ने देश में रसद वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए दक्षिण कोरिया, तुर्की और वियतनाम के आपूर्तिकर्ताओं की पहचान की है। डीआरडीओ स्थानीय निर्माताओं के साथ मिलकर एन 95 मास्क की आपूर्ति बढ़ाने के लिए भी काम कर रहा है।
वहीं, आईसीएमआर की तरफ से आर गंगाखेडकर ने जानकारी दी कि अब तक हमने 42,788 नमूनों का परीक्षण किया है, जिनमें 4,346 नमूनों का कल परीक्षण किया गया था। यह हमारी क्षमता का 36 फीसदी प्रतिनिधित्व करता है। 123 प्रयोगशालाओं को कार्यात्मक बनाया गया है। 49 निजी प्रयोगशालाओं को अनुमति दी गई है। कल निजी प्रयोगशालाओं में 399 रोगियों का परीक्षण किया गया।