भारत में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जितने भी नए मामले सामने आ रहे है, उसमें से ज्यादातर निजामुद्दीन मरकज के मुख्यालय तब्लीगी जमात में शामिल हुए लोगों के हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पिछले दो दिनों में तब्लीगी जमात से जुड़े 647 लोगों कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए है। पिछले दो-तीन दिनों में कोरोना से जितने भी मामले सामने आए है, उनमें से आधे से ज्यादा मरकज से जुड़े है।
तब्लीगी जमात से जुड़े 647 लोग संक्रमित
तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों के संक्रमित होने पर जानकारी देते हुए सचिव ने कहा कि पिछले दो दिनों में तब्लीगी जमात से जुड़े 647 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। ये सभी मामले देश के 14 राज्यों से सामने आए है। जिनमें अंडमान और निकोबार, असम, दिल्ली, हिमाचल, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तराखंड और यूपी में इससे जुड़े मामलों की पुष्टि हुई।
सचिव ने कहा कि पिछले 24 घंटे में हुए 12 मौतों में कुछ मौतें तब्लीगी जमात से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के जोखिम का आकलन करने में लोगों की मदद के लिए 30 लाख से अधिक लोग सरकार के मोबाइल ऐप डाउनलोड कर चुके हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले से नाराज गृह मंत्रालय ने राज्यों को लिखी चिट्ठी
गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों को स्वास्थ्य सेवा और श्रमिकों पर हमले के मामलों में सख्त कार्रवाई करने और चिकित्सा उन्मूलन के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिखा है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष में सात हेल्पलाइन नंबर थे। अब, हमने दो और हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं, जिसमें से 1930 (पूरे भारत के लिए टोल फ्री नंबर) और 1944 (पूर्वोत्तर के लिए समर्पित नंबर) शामिल हैं।
24 घंटे में 8 हजार नमूनों की जांच की गई
वही, इस संवाददाता सम्मेलन में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने जानकारी दी कि देश में कोविड-19 की जांच के लिए 182 लैब है, जिनमें से 130 लैब सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 8,000 नमूनों की जांच की गई है।