कैंसर के मरीजों के इलाज को लेकर आम बजट 2025 में हुई बड़ी घोषणा के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारियों में जुट गई है। देश के 759 जिला अस्पतालों के चयन का काम पूरा हो गया है। डे केयर कैंसर सेंटर में बायोप्सी जांच कराई जा सकेगी।
सरकार ने डे केयर सेंटर खोलने के लिए 759 जिला अस्पतालों के चयन का काम पूरा कर लिया है। डे केयर सेंटर आठ से 10 बिस्तर के होंगे, जहां कैंसर रोगियों के लिए बायोप्सी जांच, कीमोथेरेपी के साथ-साथ एक समय के आहार का भी इंतजाम होगा। सरकार ने देश के हर जिले में डे केयर कैंसर सेंटर शुरू करने का एलान किया है।
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डेय केयर सेंटर में मरीज से सैंपल लेकर बायोप्सी जांच के लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच होने के बाद रिपोर्ट तय समय पर डे केयर सेंटर भेज दी जाएगी। अगर बीमारी की पहचान होती है तो डॉक्टर तय करेंगे कि रोगी को कीमोथेरेपी देनी है या फिर रेडियोथेरेपी की भी साथ जरूरत है। रेडियोथेरेपी के लिए रोगी को बड़े अस्पताल जाना पड़ सकता है, लेकिन अगर सिर्फ कीमोथेरेपी और दवाओं के जरिए उपचार होना है तो रोगी को डे केयर सेंटर पर ही इसकी सुविधा मिलेगी। हाल ही में केंद्र सरकार ने आम बजट में डे केयर कैंसर सेंटर शुरू करने की घोषणा की है, जिसके तहत अगले तीन साल में इनकी स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
इस वित्त वर्ष में खुलेंगे 200 डे केयर सेंटर...पहले साल यानी इसी वित्तीय वर्ष 2025-26 में 200 डे केयर सेंटर शुरू करने की योजना है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक टीम को तैयारियों में लगाया है। इसी टीम ने अपनी रिपोर्ट में 759 जिला अस्पतालों का चयन करते हुए पहले चरण में 50 स्थानों पर डे केयर सेंटर शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए कैंसर एटलस का सहारा भी लिया गया है जिन स्थानों पर इस बीमारी का बोझ सबसे अधिक है, वहां सबसे पहले डे केयर कैंसर सेंटर शुरू करने की योजना है।