एक बार फिर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिक्स डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) की जेनेरिक दवाओं पर प्रतिबंध लगाया है। हाल ही 300 से ज्यादा एफडीसी दवाओं के बाद अब पेट, जोड़ों, जुकाम, सिर दर्द, बदन दर्द, बुखार, घबराहट, शरीर में सूजन जैसे रोग में इस्तेमाल 80 तरह की दवाओं पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है।
बताया जा रहा है कि एक से ज्यादा मिश्रण वाली इन दवाओं को ड्रग कंट्रोलर की जानकारी के बगैर बनाया जा रहा था। जबकि इन दवाओं में अधिकतर एंटीबायोटिक दवाएं है। जिनकी जानकारी होना जरूरी है। इसी पर मंत्रालय ने अब संज्ञान लिया है। 900 करोड़ के इस कारोबार पर प्रतिबंध लगने से देश की कई बड़ी दवा निर्माता कंपनियों को झटका पहुंचा है। अब इन सभी दवाओं का निर्माण और बिक्री नहीं हो पाएगी।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक से ज्यादा मिश्रण से तैयार इन एफडीसी दवाओं पर रोक को लेकर लंबे समय से विचार तल रहा था। मंत्रालय की विशेष समिति की सिफारिशों के आधार पर ये फैसला लिया गया है। 80 नए जेनेरिक एफडीसी के निर्माण और बिक्री पर रोक के लिए जल्द ही आदेश जारी होगा। उन्होंने ये भी बताया कि एल्केम, सिप्ला, वॉकहार्ड, लुपिन, ग्लेनमार्क सहित कई कंपनियों की दवाएं शामिल हैं।