तीन घंटे में आएगी कोरोना जांच रिपोर्ट
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने माताओं, नवजात बच्चों और किशोरों को मिलने वाली जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राहत भरा एलान किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों और बफर जोन में प्रजनन, माताओं, नवजात बच्चों और किशोर स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सेवाएं सीमित तरीके से भी जारी रहनी चाहिए।
इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि ये सेवाएं देने के लिए कोविड-19 की जांच करवाने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय के मुताबिक जच्चा-बच्चा की देख-रेख एकसाथ हो और कोरोना संबंधी किसी भी स्थिति में प्रसव के एक घंटे के अंदर नवजात को स्तनपान करवाया जाना चाहिए।
मंत्रालय की ओर जारी किया गया मार्गदर्शक नोट में कहा गया कि प्रसव से पहले मां को फेस मास्क पहनना होगा और बच्चे को स्तनपान करवाने से पहले हाथों की अच्छी तरह से सफाई करनी होगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी के दौरान और बाद में प्रजनन, मातृ, नवजात शिशु, बाल और किशोर स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं (आरएमएनसीएएच+एन) संबंधी प्रावधानों पर मार्गदर्शक नोट जारी किया।
नोट में कहा गया है कि कोरोना संबंधी कोई भी स्थिति होने के बावजूद महिलाओं, बच्चों और किशोरों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाएं। मंत्रालय का कहना है कि किसी भी स्थिति में जरूरी सेवाएं उपलब्ध करवाने से इनकार नहीं किया जा सकता।