केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एपीआइ के आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि एपीआइ निर्माण के क्षेत्र में देश आत्मनिर्भर बन रहा है। इसी का परिणाम है कि इसके आयात पर निर्भरता कम होगी। मनसुख मंडाविया ने जानकारी दी कि एक्टिव फार्मास्युटिकल्स इंग्रेडिएंट्स के आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए दो साल पहले उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआइ) योजना चालू की गई थी।
इस योजना के तहत देश भर के 32 संयंत्रों में 35 एक्टिव फार्मास्युटिकल्स इंग्रेडिएंट्स का निर्माण शुरू हो चुका है। ये रसायन उन 53 एपीआइ का हिस्सा हैं जिनके लिए भारत 90 फीसदी तक आयात पर निर्भर रहा है।
मंत्री मंडाविया ने कहा कि इससे दवा बनाने में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होने वाले इन रसायनों के लिये देश की आयात निर्भरता में कमी आएगी। साथ ही औषधि क्षेत्र के लिए शुरू की गई पीएलआई योजना को फार्मा उद्योग से अच्छा समर्थन मिला है। इस दौरान उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि भविष्य में बाकी एपीआइ का भी देश में ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
गौरतलब है कि सरकार ने पिछले साल फार्मा उद्योग के लिए 15-15 हजार करोड़ रुपये की पीएलआई योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत प्रोत्साहन के लिए 55 कंपनियां पात्र पाई गईं जिनमें सन फार्मा, अरबिंदो फार्मा, डॉ रेड्डीज लैब, ल्यूपिन, सिप्ला और कैडिला हेल्थकेयर भी शामिल हैं।
देश में कोरोना के 1259 नए मरीज, 35 की मौत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को देश में कोरोना के 1259 नए मामलों की पुष्टि की है। इससे पहले सोमवार को 1270 नए मामले सामने आए थे। बीते एक दिन में 35 मरीजों की मौत हुई है। वहीं 1705 मरीज ठीक हुए हैं। अभी तक कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 4,24,85,534 हो गई है। जबकि कोरोना से होने वाली मौतों की कुल संख्या 5,21,070 पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर कोविन वेबसाइट के अनुसार राष्ट्रव्यापी टीकाकरण के तहत अभी तक वैक्सीन की 183 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।
अभी लोगों के बीच मौजूद है संक्रमण
नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक जुगल किशोर के मुताबिक कोरोना का वायरस कहीं गायब नहीं हुआ है। संक्रमण आबादी के बीच मौजूद है। लोगों को लग रहा है, कोरोना अब चला गया है। इन्हीं में से कुछ लोग हैं, जो संक्रमण की चपेट में आकर गंभीर अवस्था तक पहुंच रहे हैं।