प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अफगानिस्तान की शांति परिषद के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला से मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने भारत-अफगानिस्तान संबंधों को और मजबूती देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस मुलाकात के बाद अब्दुल्ला ने कहा कि अफगानिस्तान हमेशा से शांति के पक्ष में रहा है। तनाव के बावजूद हमने कनेक्टिविटी, व्यापार, आदान-प्रदान को जारी रखा। उन्होंने कहा कि हमने हमेशा विकास और शांति के रास्ते को चुना। अब्दुल्ला ने आगे कहा कि अब हम पर्यटन के रास्ते पर काम कर रहे हैं। लेकिन उस समय आतंकवादियों के बारे में किसी को चिंता नहीं थी।
उन्होंने कहा कि हमारे देश पर 40 वर्ष पूर्व हमला किया गया था, लेकिन अब यह पूरी तरह से बदल गया है। अब्दुल्ला ने कहा कि अब हमारे पास नए क्षेत्रों में विकास, व्यापक कनेक्टिविटी के पुनर्निर्माण का मौका है। उन्होंने कहा कि हम सभी देशों से अपना संबंध गहरा करना चाहते हैं ताकि शांति और स्थिरता को बहाल करने की दिशा में साथ काम कर सकें।