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'जैसे वो चीखा, मैं समझ गई यही पति बनने लायक है'

Tue, 21 Jun 2016 01:00 PM IST
बीबीसी
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सोशल कैंपेन - फोटो : BBC
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महिलाएं अजनबियों की सैक्सिस्ट टिप्पणियों, भद्दे, अश्लील इशारों, सीटियों और सड़क पर होने वाले अन्य तरह के अनुभवों पर एक नए अंदाज में एतराज जता रही है। औरतें #NoWomanEver हैशटैग के जरिए सोशल मीडिया पर अपने इन अनुभवों को बयान कर रही हैं और ऐसे लोगों पर तंज कस रही हैं। ये हैशटैग पूरी तरह से नया नहीं है। अमरीकी सोशल मीडिया यूजर - मिस ब्लैक एवेयरनेस ने इसे दोबारा से इस्तेमाल किया है और कुछ दिनों में ही ये एक लाख 40 हजार बार से अधिक इस्तेमाल हुआ है।
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इस हैशटैग में उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में उन पुरुषों की टिप्पणियों और इशारों का जवाब दिया है जो इस तरह की छेड़खानी करने के आदी हो गए है। मिस ब्लैक एवेयरनेस ने ट्वीट किया- "तुम 100 साल के हो गए और अब भी नहीं जान पाए कि किसी महिला को डराए बिना, सम्मानजनक और सही तरीके से उससे कैसे बात की जाए।" जल्द ही हैशटैग नो वुमन एवर का इस्तेमाल कर रहे अन्य लोगों ने भी इसी तर्ज अपने अनुभव बयान करने शुरू कर दिए।

लोलिटा जैकसन ने ट्वीट किया- "रात में उसने पार्किंग लॉट में मुझे मेरी कार में जाने से रोका और मेरा नंबर मांगा बस मैं समझ गई (मेरे लिए) यही वो पुरुष है।" एलिजाबेथ प्लैंक ने लिखा- "मैं जान गई कि वही पति बनाने लायक व्यक्ति है जब उसने कार का शीशा नीचे किया और तेज आवाज में मुझ पर चीखा।" रेबेका ने ट्वीट किया- "पैदल घर जाते समय जब कार से पुरुष चिल्लाते हैं तो मैं हमेशा सुरक्षित महसूस करती हूं ये जानकार अच्छा लगता है कि ऐसे पुरुष हैं जो केयर करते हैं।
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एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया, "जवाब न देने पर जब उसने मेरे कान से इयरप्लग खींचा तो मेरा दिल पिघल गया।" इस हैशटैग पर तो औरतों के साथ सड़कों पर होने वाले बर्ताव से जुड़ी पोस्ट्स की जैसे बरसात हो रही है।
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