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दो बार मुख्यमंत्री बने कुमारस्वामी, लेकिन दोनों ही बार धोखा दे गया नसीब

Tue, 23 Jul 2019 10:06 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एचडी कुमारस्वामी (फाइल फोटो) - फोटो : फेसबुक
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एचडी कुमारस्वामी की किस्मत ने एक बार फिर उनका साथ छोड़ दिया। विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर मतदान में कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार के गिर गई और दूसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने एचडी कुमारस्वामी एक बार फिर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। इससे पहले कुमारस्वामी फरवरी 2006 से अक्तूबर 2007 तक यानी 21 महीने के लिए मुख्यमंत्री रहे थे। इस बार वह 14 महीने ही सरकार चला पाए।

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विश्वास प्रस्ताव पर मतदान में सरकार गिरने के बाद कुमारस्वामी ने मंगलवार रात अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। विश्वास मत पर चर्चा के दौरान कुमारस्वामी ने कहा था, 'मैं एक्सीडेंटल सीएम हूं, नसीब मुझे यहां खींच लाया।' दो बार कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाने वाला उनका नसीब दोनों ही बार उन्हें बीच राह में धोखा दे गया। 

2006 में कांग्रेस से बगावत तक बने थे मुख्यमंत्री

साल 2006 में भी कर्नाटक में कांग्रेस-जदएस की गठबंधन सरकार थी और मुख्यमंत्री थे कांग्रेस के धर्म सिंह। जिस तरह आज विधायकों ने बागी रुख अपनाते हुए सरकार को बेदखल किया, वैसे ही साल 2006 में कुमारस्वामी ने 42 विधायकों के साथ बागी रुख दिखाते हुए सरकार से अलग हो गए थे और सरकार गिर गई थी। 

इसके बाद कर्नाटक के राज्यपाल टीएन चतुर्वेदी ने 28 जनवरी 2006 को कुमारस्वामी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। इसके साथ ही कर्नाटक में कुमारस्वामी के नेतृत्व में जदएस और भाजपा की गठबंधन सरकार बनी। चार फरवरी 2006 को मुख्यमंत्री बने कुमारस्वामी ने 27 सितंबर को एलान किया कि गठबंधन सरकार के समझौते के अनुसार तीन अक्तूबर को वह पद छोड़ देंगे। लेकिन, चार अक्तूबर को उन्होंने पद छोड़ने से मना कर दिया और आठ अक्तूबर को इस्तीफा दे दिया था। 

2018 में फिर कांग्रेस का हाथ थाम बने सीएम

साल 2018 में कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार बनाते-बनाते रह गई थी। भाजपा के खाते 104 सीटें आई थीं औऱ बहुमत साबित करने के लिए केवल नौ और सीटों की जरूरत थी। कांग्रेस को 80 सीटें मिली थीं और जदएस को 37। भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने 17 मई 2018 को सरकार बनाने का दावा पेश किया और मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि, येदियुरप्पा बहुमत साबित नहीं कर सके और 19 मई 2018 को उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। वहीं, कांग्रेस और जदएस ने एकबार फिर गठबंधन किया और कुमारस्वामी को कर्नाटक की बागडोर संभालने का एक और अवसर मिला। 

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साल 2006 का वाकया होने के बावजूद जदएस के साथ गठबंधन करने के कांग्रेस नेतृत्व के फैसले से कांग्रेस के कई नेता सहमत नहीं थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से इसपर नाखुशी जताते हुए कहा था कि वह गठबंधन समाप्त कर दें। लेकिन राहुल ने उनकी बात नहीं मानी।  

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