कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने गुरुवार को उन लोगों को आड़े हाथ लिया जो विभिन्न सरकारी योजनाओं में फंड ना देने की वजह से उनकी आलोचना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह पेड़ पर पैसे नहीं उगा सकते हैं। कुमारस्वामी ने यह बातें बंगलूरू में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर कहीं। उन्होंने कहा, 'मुझपर आरोप लग रहे हैं कि मैं किसानों की कर्जमाफी, शादी भाग्य और दूसरी योजनाओं के लिए फंड का आवंटन नहीं कर रहा हूं। लेकिन मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं कि मैं तुरंत पैसे बांटने के लिए उन्हें पेड़ पर नहीं उगा सकता।'
कुमारस्वामी ने कहा कि कुछ प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है और बहुत सारी कमियां हैं जिनके बारे में केवल वह जानते हैं। उन्होंने कहा, मुझे फंड आवंटित करने से पहले अधिकारियों को भरोसे में लेना होगा। इन कमियों के बाद हमें उन्हें फंड जारी करने के लिए मनाना होगा।' हालांकि मुख्यमंत्री ने यह साफ कर दिया है कि इस वह इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए सभी योजनाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'मुझे कृषि कर्जमाफी के लिए 49 हजार करोड़ रुपये का
फंड आंवटित करने के लिए रास्ते खोजने हैं। लोगों को संयम रखना होगा और दूसरे मामलों पर ध्यान देने के लिए समय देना होगा।' जब उनसे उन रिपोर्ट्स के बारे में पूछा गया जिनमें कहा जा रहा था कि कुमारस्वामी सरकार ने शादी भाग्य योजना में दिए जाने वाले फंड को घटा दिया है तो उन्होंने इसे खारिज कर दिया। यह योजना कांग्रेस के शासन में लागू की गई थी।
उन्होंने कहा, 'चाहे वह शादी भाग्य हो या दूसरी किसी भी स्कीम के लिए आवंटन को घटाया नहीं गया है। मैंने इस साल फरवरी में बजट पेश करने के दौरान कांग्रेस सरकार द्वारा घोषित कार्यक्रमों के लिए आवंटन नहीं घटाया है।'