जादवपुर की घटना में कुल मिलाकर सात एफआईआर दर्ज की गई थीं, लेकिन पुलिस वाम छात्र संगठनों की शिकायतें नहीं ले रही थी। इस संदर्भ में बुधवार को राज्य ने हाईकोर्ट को बताया कि वहां की स्थिति को लेकर कई एफआईआर दर्ज की गई हैं और जांच जारी है।
जादवपुर विश्वविद्यालय में राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के साथ बदसलूकी और उसके बाद हिंसा के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस के गुप्तचर विभाग की विफलता को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट का मानना है कि गुप्तचरों की इस तरह की भूमिका के कारण भविष्य में और भी बुरी घटनाएं हो सकती हैं। अदालत ने कहा कि ऐसा हुआ तो पड़ोसी देश जैसी स्थिति बन जाएगी। हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
जस्टिस तीर्थंकर घोष ने कहा, इतनी बड़ी घटना स्पेशल ब्रांच के लिए एक पाठ सीखने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने पूछा, राज्य के शिक्षा मंत्री के पास इतनी बड़ी भीड़ कैसे पहुंची। यदि गुप्तचर विफल होते हैं, तो भविष्य में पड़ोसी देशों जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसा नहीं होने दिया जा सकता। अगर पुलिस के गुप्तचर उस भीड़ के बारे में नहीं जान पाए, तो भविष्य में और भी खराब स्थिति बन सकती है। उल्लेखनीय है कि पिछले शनिवार को जादवपुर विश्वविद्यालय में ब्रात्य बसु के साथ बदसलूकी की गई थी। उन्हें चोट भी आई थी और इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ा था। जादवपुर में शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दो छात्र भी घायल हो गए थे। शनिवार शाम को इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में रात में भी हिंसा हुई।
सात एफआईआर दर्ज हुईं
जादवपुर की घटना में कुल मिलाकर सात एफआईआर दर्ज की गई थीं, लेकिन पुलिस वाम छात्र संगठनों की शिकायतें नहीं ले रही थी। इस संदर्भ में बुधवार को राज्य ने हाईकोर्ट को बताया कि वहां की स्थिति को लेकर कई एफआईआर दर्ज की गई हैं और जांच जारी है। जवाब में अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ताओं के आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज करनी होगी।