कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लोन धोखाधड़ी के आरोपी शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। अदालत ने माल्या और उसकी कंपनियों द्वारा दी गई अंडरटेकिंग का पालन नहीं करने पर यह वारंट जारी किया है।
उसने शराब कंपनी यूनाइटेड ब्रिवरेज होल्डिंग्स लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी ब्रिटिश स्प्रीट्स की कंपनी डियागियो पीएलसी को हस्तांतरित नहीं करने की अंडरटेकिंग दी थी। मामले की सुनवाई करने वाली दो सदस्यीय पीठ के प्रमुख जस्टिस जयंत पटेल ने कहा कि अदालत इस मामले में माल्या द्वारा दी गई अंडरटेकिंग के उल्लंघन के मामले में आरोपी के खिलाफ वारंट जारी करती है। पीठ के समक्ष माल्या के उपस्थित नहीं होने पर यह वारंट जारी किया गया।
एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों के कंसोर्टियम ने मुकदमा दाखिल किया है। बैंकों ने माल्या पर आरोप लगाया है कि उसने और उसकी कंपनियों ने यूनाइटेड ब्रिवरेज में अपनी हिस्सेदारी स्थानांतरित नहीं करने की बात कही थी। अभियोजन पक्ष के वकील ने अदालत से माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की। इस पर अदालत ने अभियोजन पक्ष से माल्या के भारत में नहीं रहने को लेकर दस्तावेज पेश करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।