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विजय माल्या के खिलाफ वारंट जारी, माल्या ने खुद को बताया निर्दोष

Fri, 27 Jan 2017 09:55 PM IST
एजेंसी
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विजय माल्या
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को लोन धोखाधड़ी के आरोपी शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। अदालत ने माल्या और उसकी कंपनियों द्वारा दी गई अंडरटेकिंग का पालन नहीं करने पर यह वारंट जारी किया है।
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उसने शराब कंपनी यूनाइटेड ब्रिवरेज होल्डिंग्स लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी ब्रिटिश स्प्रीट्स की कंपनी डियागियो पीएलसी को हस्तांतरित नहीं करने की अंडरटेकिंग दी थी। मामले की सुनवाई करने वाली दो सदस्यीय पीठ के प्रमुख जस्टिस जयंत पटेल ने कहा कि अदालत इस मामले में माल्या द्वारा दी गई अंडरटेकिंग के उल्लंघन के मामले में आरोपी के खिलाफ वारंट जारी करती है। पीठ के समक्ष माल्या के उपस्थित नहीं होने पर यह वारंट जारी किया गया।

एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों के कंसोर्टियम ने मुकदमा दाखिल किया है। बैंकों ने माल्या पर आरोप लगाया है कि उसने और उसकी कंपनियों ने यूनाइटेड ब्रिवरेज में अपनी हिस्सेदारी स्थानांतरित नहीं करने की बात कही थी। अभियोजन पक्ष के वकील ने अदालत से माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की। इस पर अदालत ने अभियोजन पक्ष से माल्या के भारत में नहीं रहने को लेकर दस्तावेज पेश करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।
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माल्या ने खुद को बताया निर्दोष

vijay mallya
करोड़ों रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी के आरोपी विजय माल्या ने दीवालिया हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े धन की हेराफेरी मामले में खुद को निर्दोष बताया है। उसने कहा है कि इस मामले में अदालत ने उसके खिलाफ कुछ भी नहीं कहा है।

उसने ट्वीट कर कहा कि इस वक्त तक इस बारे में कोई अंतिम न्यायिक निर्णय नहीं है कि आखिर कितना किंगफिशर और उसके खुद के ऊपर बैंकों की देनदारी है। लगातार कई ट्वीट कर माल्या ने हाल में मीडिया कवरेज को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि जब तक अदालत किसी को दोषी नहीं ठहराती तब तक वह निर्दोष होता है। उसने कहा कि हमारे देश में उसे जब तक दोषी साबित नहीं किया जाता तब तक वह निर्दोष है। लेकिन बिना सुनवाई के मीडिया ने उसे दोषी करार दिया है। यह भी कहा जा रहा है कि वह बैंकों का पैसा लेकर फरार हो गया।

उसने एक ट्वीट में कहा कि सरकार उसके खिलाफ खोजी अभियान चला रही है, लेकिन इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। उसने आगे कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस एक सार्वजनिक इकाई थी जिसने भारत को शानदार तरीके से जोड़ा। वह उसकी कोई निजी खिलौना नहीं थी। उसने यह भी कहा कि उसने अचानक से भारत नहीं छोड़ा। वह 1988 से एक प्रवासी है।
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