हाईकोर्ट ने कॉल ड्रॉप मामले में मोबाइल कंपनियों के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ट्राई के फैसले को बहाल रखने संबंधी हाईकोर्ट के फैसले को खारिज कर चुका है ऐसे में इस याचिका पर सुनवाई का औचित्य नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ के समक्ष दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि ट्राई कॉल ड्रॉप मामले में दोषी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं कां आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में इन कंपनियों को कॉल ड्रॉप होने पर मुआवजा देने का निर्देश दिया जाए।
खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने मोबाइल कंपनियों की याचिका को खारिज करते हुए मुआवजा देने का निर्देश दिया था लेकिन कंपनियों की अपील को स्वीकार कर सर्वोच्च न्यायालय ने उनके आदेश को खारिज कर दिया था। ऐेसे में वे इस याचिका पर कैसे आदेश दे सकते है।
इससे पूर्व मोबाइल कंपनियों के अधिवक्ता ने भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए याचिका खारिज करने का आग्रह किया था।