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दिल्ली और एनसीआर में छाई धुंध है जहरीली, पर्यावरणविदों ने जताई गंभीर चिंता

Wed, 13 Jun 2018 03:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मंगलवार को नई दिल्ली में विजय चौक और राजपथ का एक दृश्य - फोटो : PTI
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देश की राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों के आसमान धूल से सनी दिख रही है। राजधानी और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। एनसीआर की फिजा थोड़ी मटमैली सी लग रही है। जिससे पिछले साल नवंबर की यादें ताजा हो गई जब शहर की हवा प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंच गई थी। 
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दिल्ली के पर्यवारणविदों की मानें तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र जहरीली हवा की गिरफ्त में है। राजधानी के चारों ओर फैली इस जहरीली हवा से यहां रहने वाले लोगों पर भविष्य में बीमार पड़ने का खतरा है। 

मंगलवार को हवा में धूल के कणों से सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। इस धूल को पीएम 10 के रूप में वर्गीकृत किया गया था, जो इंसानी बाल की चौड़ाई से लगभग पांच गुना छोटा होता है। रविवार शाम 6 बजे हवा में इसका स्तर 138 मापा गया, जो मंगलवार सुबह 8 बजे 433 बजे तक पहुंच गया। हवा में आए इस बदलाव का कारण विशेषज्ञों ने हवा की दिशा बदलना बताया।
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दिल्ली से सटे नोएडा में मंगलवार शाम चार बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 342 रिकार्ड किया गया। गाड़ी चलाने वालों के अलावा सांस संबंधित मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है। 

पीएम 10 के लिए सुरक्षित सीमा 100ug/m3 है और 430ug/m3 से ऊपर के स्तर को गंभीर माना जाता है।

पर्यावरणविद विमलेंदु झा ने कहा कि केंद्र या राज्य सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के नाम पर पेड़ काटे जा रहे हैं जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर संकट खड़ा हो गया है। 

झा ने दिल्ली की आबोहवा पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार को सलाह जारी करनी चाहिए क्योंकि लोग इस बात से अनजान हैं कि दिल्ली के आसपास फैली धुंध जहरीली हवा है जो आने वाले समय मे उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करेगी। 
 
 
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी जता चुका है चिंता

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण के जानलेवा स्तर तक पहुंच जाने पर पिछले साल नवंबर में केंद्र और दिल्ली, पंजाब एवं हरियाणा की सरकारों को नोटिस जारी किया था। आयोग ने कहा कि सरकार जहरीली धुंध के कारण अपने नागरिकों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकती। 

आयोग ने विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और तीनों राज्यों की सरकारों से हालात से निपटने के लिए उठाए जा रहे एवं प्रस्तावित प्रभावशाली कदमों की दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी थी। 

मास्क जरूर पहनें 

अचानक प्रदूषण का स्तर बढ़ जाने से सांस के मरीजों को अधिक परेशानी होगी। यदि आप दोपहिया वाहन से चल रहे हैं तो मास्क जरूर पहनें। इससे पूरी तरह से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कुछ हद तक बचा जा सकता है। वायु प्रदूषण के स्तर में अब बारिश के बाद ही कोई कमी आने की संभावना है। 
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