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हजारे की हत्या की साजिश के नौ साल पुराने मामले में अब भी जारी है सीआईडी की जांच

Tue, 26 Jun 2018 03:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महाराष्ट्र की सीआईडी उस शिकायत की जांच अभी तक कर रही है जो सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे ने राज्य के पूर्व मंत्री पदमसिंह पाटिल के खिलाफ दर्ज करवाई थी। शिकायत में हजारे ने आरोप लगाया था कि पाटिल ने उनकी हत्या की साजिश रची है। आरटीआई आवेदन से प्राप्त जानकारी में यह खुलासा हुआ है। 

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हजारे ने सितंबर 2009 में पाटिल और चार अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी जिसमें कहा था कि पारसमल जैन नामक के व्यक्ति को उनकी हत्या की सुपारी दी गई है। इस मामले में पाटिल को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन बाद में अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया था।

आरटीआई अर्जी के जवाब में प्राप्त जानकारी के मुताबिक अहमदनगर जिले के पारनेर पुलिस थाने से यह मामला सीआईडी ने अपने हाथों में ले लिया था। लेकिन इसमें अब तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। पाटिल कांग्रेस के नेता पवनराजे निम्बालकर की हत्या की साजिश रचने के आरोप में भी मुकदमे का सामना रहे हैं।निम्बालकर की तीन जून 2006 को नवी मुंबई में हत्या कर दी गई थी। 

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आरटीआई की अर्जी के जवाब के बाद सीआईडी ने लिया था संज्ञान

पारसमल जैन ने ही कथित तौर पर निम्बालकर को गोली मारी थी। जैन ने आपराधिक दंड संहिता की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट को दिए बयान में दावा किया था कि पाटिल ने निम्बालकर और हजारे की हत्या करने के लिए उसे 30 लाख रूपये दिए थे। जैन ने कहा कि उसने हजारे की हत्या के लिए पैसा लेने से मना कर दिया था। 
 
निम्बालकर के बेटे जयराजे निम्बालकर ने हाल में एक आरटीआई आवेदन दिया था जिसमें हजारे की ओर से दर्ज कराए गए मामले की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई थी। सीआईडी के औरंगाबाद क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीजे काम्बले ने आठ जून को जयराजे निम्बालकर को सूचित किया कि जांच अब भी जारी है और आज तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है।  
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