पारसमल जैन ने ही कथित तौर पर निम्बालकर को गोली मारी थी। जैन ने आपराधिक दंड संहिता की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट को दिए बयान में दावा किया था कि पाटिल ने निम्बालकर और हजारे की हत्या करने के लिए उसे 30 लाख रूपये दिए थे। जैन ने कहा कि उसने हजारे की हत्या के लिए पैसा लेने से मना कर दिया था।
निम्बालकर के बेटे जयराजे निम्बालकर ने हाल में एक आरटीआई आवेदन दिया था जिसमें हजारे की ओर से दर्ज कराए गए मामले की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई थी। सीआईडी के औरंगाबाद क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीजे काम्बले ने आठ जून को जयराजे निम्बालकर को सूचित किया कि जांच अब भी जारी है और आज तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है।