महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को दलबदल कानून की समीक्षा समिति का अध्यक्ष बनाए जाने की बात प्रदेश में विपक्ष को पसंद नहीं आ रही है। शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे एवं राकांपा शरद पवार गुट के नेता जीतेंद्र आह्वाड के तीखे सुर सुनने को मिले, जिसके बाद अब नार्वेकर की भी जवाबी प्रतिक्रिया सामने आई है।
नार्वेकर ने किया पलटवार
नार्वेकर ने पलटवार करते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे में साहस हो तो बताएं कि शिवसेना विधायकों से संबंधित अयोग्यता याचिका पर उनके फैसले में क्या गैरकानूनी था। वह बोले, 'मेरे खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी करने की बजाय, उद्धव जी और अव्हाड के अंदर यह साबित करने का साहस नहीं है कि (अयोग्यता याचिकाओं पर) मैंने जो निर्णय लिया है उसमें क्या गैरकानूनी है। संजय राउत के साथ साहस के बारे में कोई सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने कहा कि इस बात पर गर्व करने के बजाय कि राज्य के किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय स्तर का काम पूरा करने को मिल रहा है, उद्धव ठाकरे आलोचना कर रहे हैं। नार्वेकर ने कहा, 'ऐसा कृत्य केवल वही लोग कर सकते हैं जिनके मन में राज्य के प्रति कोई स्नेह या गौरव नहीं है।'