विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने शुक्रवार को एअर इंडिया के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की। इस हादसे में अपने माता-पिता को खोने वाले यशपाल सिंह वंसदिया ने सरकार और जांच एजेंसियों से सवाल पूछे हैं। एअर इंडिया की उड़ान एआई-171 लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। लेकिन कुछ ही देर में यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें 229 यात्री, 12 चालक दल के सदस्य और जमीन पर मौजूद 19 लोग शामिल थे।
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प्रिवेंटिव चेक किए गए थे या नहीं: यशपाल वंसदिया
वंसदिया ने कहा कि एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह बात कही गई है कि एक पायलट ने दूसरे पायलट से पूछा था- क्या आपने इंजन बंद किया? इसका मतलब है कि कुछ तकनीकी समस्या थी। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या उड़ान से पहले विमान की सारी रोकथाम जांचें' (प्रिवेंटिव चेक) की गई थीं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके सारे सवालों के जवाब मिलेंगे।
दोषियों को मिले सजा: मुकेश माहेश्वरी
विमान हादसे में अपने बेटे को खोने वाले वडोदरा के मुकेश माहेश्वरी ने मांग की कि जो लोग इस हादसे के जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, मैंने अपना बेटा खो दिया..मैं बस यह चाहता हूं कि इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।
दोबारा न हों ऐसी घटनाएं: मोहम्मद रफीक
वहीं, इस हादसे में अपने परिवार के तीन सदस्यों को खोने वाले मोहम्मद रफीक गुलाम हुसैन खानजी ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों और सभी एहतियाती कदम उठाए जाएं। मोहम्मद रफीक ने कहा, हमें सरकार से उम्मीद है कि ऐसा हादसा फिर कभी न हो और समय पर सभी जरूरी सावधानियां बरती जाएं।
मानसिक चिकित्सक की मदद ले रहे एकमात्र जीवित बचे यात्री रमेश
वहीं, विमान हादसे में एकमात्री जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश अब तक भी इस खौफनाक त्रासद से सदमे से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। उनके एक परिजन सनी ने बताया कि वह इस मानसिक आघात से निपटने के लिए चिकित्सक की मदद ले रहे हैं। विमान हादसे से कुछ सेकंड पहले भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास निकलकर बाहर आ गए थे। इस हादसे में उनके भाई का भी निधन हो गया था।
सनी ने बताया, दुर्घटना के दृश्य और उनके भाई की यादें उन्हें अभी भी परेशान कर रही हैं। उन्होंने कहा, हमारे रिश्तेदारों सहित कई लोग विदेश से विश्वास की हालत के बारे में पूछने के लिए फोन करते हैं। लेकिन वह किसी से बात नहीं नहीं करते। वह अब दुर्घटना और अपने भाई की मौत के मानसिक आघात से उबर नहीं पाए हैं।
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एएआईबी ने हादसे पर जारी की प्रारंभिक रिपोर्ट
एएआईबी ने शुक्रवार को एअर इंडिया की उड़ान एआई-171 के हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में बताया गया कि उड़ान भरने के केवल 90 सेकंड बाद ही विमान में गंभीर घटनाएं घटीं। दोनों इंजन अचानक बंद हो गए, जिससे विमान की ताकत (थ्रस्ट) खत्म हो गई और वह तेजी से नीचे गिरने लगा।
पायलट ने पूछा- तुमने इंजन क्यों बंद किया?
विमान के डाटा रिकॉर्डर (ईएएफआर) से यह जानकारी मिली कि उड़ान के कुछ ही पलों बाद दोनों इंजनों को चलाने वाला बटन (जिसे फ्यूल कटऑफ स्विच कहते हैं) अचानक बंद हुआ। पहले एक इंजन बंद हुआ, फिर ठीक एक सेकंड के बाद दूसरा भी। यह सब तब हुआ जब विमान अभी जमीन से ज्यादा ऊपर नहीं पहुंचा था। रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है- तुमने इंजन क्यों बंद किया? तो दूसरा कहता है- मैंने नहीं किया। इसका मतलब है कि कोई गलती हुई या किसी तकनीकी खराबी के कारण दोनों इंजन बंद हो गए।
इंजन बंद होने के बाद विमान का रैम एयर ट्रिब्यून (आरएटी) चालू हो गया, जो आपातकाल की स्थिति में बिजली देने के लिए होता है। लेकिन इसके बाद भी विमान ऊंचाई खोता गया और उसे फिर से उड़ान में लाना संभव नहीं हुआ। एएआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक, पायलटों ने इंजन को फिर से स्टार्ट करने की कोशिश की। इंजन-1 में कुछ जान वापस आई, लेकिन इंजन-2 ठीक से काम नहीं कर सका। उस समय विमान थोड़ी देर के लिए 180 नॉट की स्पीड तक पहुंचा था, लेकिन फिर वह तेजी से नीचे गिरने लगा। आखिरी रेडियो कॉल (मेडे) 08:09 UTC पर भेजा गया था, जो विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से कुछ ही सेकंड पहले की बात है। विमान हवाई अड्डे की सीमा के बाहर रिहायशी इमारतों से टकरा गया था।
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