चालक ने भागने की कोशिश की, भीड़ ने पिटाई की
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अरकलागुडु से आ रहे ट्रक के चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन श्रद्धालुओं से टकरा गया, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक भुवनेश ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने उसे पकड़ लिया, उसकी पिटाई की। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। ट्रक एक लॉजिस्टिक कंपनी का था।
सूत्रों ने बताया कि ट्रक के पहियों के नीचे दबकर चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने हसन के विभिन्न अस्पतालों में दम तोड़ दिया। 'एक्स' पर एक पोस्ट में सिद्धारमैया ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह कई लोगों की जान जाने और लोगों के गंभीर रूप से घायल होने से दुखी हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देगी राज्य सरकार
सिद्धारमैया ने कहा, 'सरकार मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देगी। इस घटना में घायल हुए लोगों के इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी। यह बहुत ही दुखद क्षण है। आइए हम सभी इस त्रासदी से प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हों।'
सरकार से हादसे में घायल हुए लोगों के मुफ्त इलाज के लिए कदम उठाने की अपील
केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, 'हासन तालुका के मोसाले होसाहल्ली में गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान हुए भीषण हादसे की खबर सुनकर मुझे गहरा सदमा लगा है। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।' जेडीएस नेता ने राज्य सरकार से हादसे में घायल हुए लोगों के मुफ्त इलाज के लिए कदम उठाने की अपील की।